पहले राज्यसभा में आएगा वक्फ अधिनियम में संशोधन विधेयक, जानें क्या है सरकार का प्लान

By अंकित सिंह | Aug 05, 2024

वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन के लिए एक विधेयक, जिससे वक्फ बोर्ड की शक्तियों को सीमित करने की उम्मीद है, पहले राज्यसभा में पेश किए जाने की संभावना है। समाचार एजेंसी एएनआई को सूत्रों ने बताया कि सरकार एक सप्ताह के भीतर इन संशोधनों को पेश करने के लिए आगे बढ़ सकती है। संसद का बजट सत्र 12 अगस्त को समाप्त होने वाला है। सूत्रों के मुताबिक, सरकार ने वक्फ बोर्ड अधिनियम में संशोधन लाने से पहले सुधार लाने के लिए सुझाव जुटाने के लिए विभिन्न मुस्लिम बुद्धिजीवियों और संगठनों से परामर्श किया। कुल 32-40 संशोधनों पर विचार किया जा रहा है। राज्यसभा में एनडीए के लिए राह आसान नहीं है। इसलिए इसे पहले यहां लाया जा सकता है। 

वक्फ बोर्ड के सदस्य मुस्लिम समुदायों के मतदाताओं पर महत्वपूर्ण प्रभाव रखते हैं। ये सदस्य प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से राजनीतिक दलों से जुड़े हुए हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, एआईएमआईएमआई, टीएमसी और धर्मनिरपेक्षता की राह पर चलने वाली अन्य क्षेत्रीय पार्टियां हमेशा मुस्लिम समुदाय से संबंधित विषयों में किसी भी कानूनी सुधार के कदम का विरोध करती हैं। इसी तरह की आलोचना तब सामने आई जब केंद्र सरकार महिलाओं के खिलाफ भेदभावपूर्ण परंपरा को खत्म करने के लिए तीन तलाक विधेयक लेकर आई। एआईएमपीएलबी ने सत्तारूढ़ एनडीए के सहयोगियों और विपक्षी दलों से "ऐसे किसी भी कदम को पूरी तरह से खारिज करने" और ऐसे संशोधनों को संसद में पारित नहीं होने देने का आग्रह किया।

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विपक्ष के कई नेताओं ने सोमवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली सरकार समाज में विभाजन पैदा करने के लिए वक्फ अधिनियम में संशोधन के लिए विधेयक लाना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि वे इससे जुड़े विधेयक का पुरजोर विरोध करेंगे। भाजपा के कई नेताओं ने इस संभावित कदम का दृढ़ता से बचाव किया और इस बात पर जोर दिया कि मोदी सरकार ने हमेशा हर क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के इरादे से काम किया है। सरकार वक्फ बोर्ड को नियंत्रित करने वाले 1995 के कानून में संशोधन करने के लिए संसद में एक विधेयक लाने वाली है ताकि इनके कामकाज में अधिक जवाबदेही और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके तथा इन निकायों में महिलाओं की अनिवार्य भागीदारी हो सके। 

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