By अभिनय आकाश | Mar 27, 2026
एक ऐसी खबर की जिसने अमेरिका से लेकर ईरान तक सनसनी मचा दी है। क्योंकि ईरान की स्टेट मीडिया प्रेस टीवी ने एक वीडियो जारी किया। दावा किया गया कि ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉप्स आईआरजीसी ने चाबहार के ऊपर एक अमेरिकी F18 सुपर हॉर्नेट को सफलतापूर्वक निशाना बनाया और उसे मार गिराया। और जैसे ही यह खबर सोशल मीडिया पर वायरल हुई, दुनिया भर के डिफेंस एक्सपर्ट्स के कान खड़े हो गए। क्या वाकई ईरान ने वो कर दिखाया जो कोई देश अब तक ना कर सका था। चाबहार भारत के नजरिए से यह नाम सुनते ही हमारे कान खड़े हो जाते हैं। चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से ऑक्सीजन की तरह है। यह अफगानिस्तान और मध्य एशिया तक पहुंचने का हमारा सीधा रास्ता है जो पाकिस्तान को बाईपास करता है। देखिए ईरान का दावा है कि अमेरिका का यह विमान F18 सुपर हॉर्नेट उसकी संप्रभुता का उल्लंघन कर रहा था और ईरान ने मौका देखकर इसे मार गिराया। ऐसा ईरान ने दावा किया है। अब ये खबर कितनी सच्ची है यह कोई नहीं जानता दूसरी ओर अमेरिका ने ईरानी दावे को खारिज कर दिया है और इसे गलत खबर बताई है।
ब एक सवाल यह उठता है कि जिस F18 सुपर हॉर्नेट की हम बात कर रहे हैं वो आखिर कितना ताकतवर है? अमेरिकी नौसेना का सबसे भरोसेमंद कैरियर बेस्ड फाइटर जेट है। यानी इसे समुद्र के बीचों-बीच खड़े एयरक्राफ्ट कैरियर से उड़ाया जाता है। यह एक ही समय में हवा से हवा में लड़ाई यानी कि डॉग फाइट कर सकता है और जमीन पर सटीक बमबारी भी कर सकता है। यह अमेरिका के सबसे घातक फाइटर जेट्स में एक है। इसमें ऐसे जैमल्स लगे होते हैं जो दुश्मन के रडार को अंधा कर देते हैं। ईरान का दावा है कि उनके पास पैसिव सेंसर टेक्नोलॉजी है। यह तकनीक विमान से निकलने वाली हीट आईआर और उसके रेडियो सिग्नल्स को बिना अपना रडार ऑन किए पकड़ लेती है। इसी तकनीक के दम पर ईरान ने पहले F35 को निशाना बनाने का दावा किया था और अब F18 को मारने का भी ईरान दावा कर रहा है। हालांकि हम इस दावे की पुष्टि नहीं करते हैं।