By अभिनय आकाश | May 12, 2026
अमेरिका को एक और तगड़ा झटका लगा क्योंकि अमेरिकी मेयर पर अब चीन के लिए जासूसी करने का आरोप लगा। कैलिफोर्निया की एक मेयर पर चीन के लिए गुप्त तरीके से काम करने का आरोप लगा है। अमेरिकी न्याय विभाग की कारवाई के बाद इस मामले ने अमेरिका की राजनीति और सुरक्षा तंत्र में हलचल मचा दी। आरोप है कि चीन अमेरिकी लोकतांत्रिक संस्थाओं में अपने प्रभाव का जाल बिछाने की कोशिश कर रहा था और इसके लिए स्थानीय नेताओं तक को इस्तेमाल किया गया। दरअसल दक्षिणी कैलिफोर्निया के आकेडिया शहर की मेयर एललीन बांग ने अचानक इस्तीफा दे दिया। इस्तीफा उस समय आया जब अमेरिकी न्याय विभाग ने खुलासा किया कि उन पर चीन के लिए अवैध विदेशी एजेंट के तौर पर काम करने का आरोप तय किया गया। 58 साल की वांग ने मामले में दोष स्वीकार करने पर सहमति भी जताई।
आरोप है कि एललीन बांग ने कुछ ही मिनटों में इस आर्टिकल को अपनी वेबसाइट पर पोस्ट कर दिया और लिंक वापस चीनी अधिकारी को भेज दिया गया। जवाब में अधिकारी ने लिखा बहुत तेजी से काम हुआ। धन्यवाद। अमेरिकी न्याय विभाग का कहना है कि यह सिर्फ मीडिया प्रचार का मामला नहीं था। बल्कि चीन की ओर से अमेरिकी संस्थाओं में प्रभाव बढ़ाने की कोशिश का हिस्सा था। जांच में सामने आया कि चीन के सरकारी अधिकारियों से आर्टिकल और तमाम संदेश पोस्ट किए जाते। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि बांग की बातचीत चीन के खुफिया नेटवर्क से जुड़े लोगों से भी हुई थी। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक 2021 में उन्होंने चीन के प्रभावशाली व्यक्ति जॉन चेन से संपर्क किया। चैन पर आरोप है कि उसके संबंध सीधे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के नेटवर्क तक थे। अमेरिकी न्याय विभाग ने साफ कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि किसी विदेशी सरकार के लिए गुप्त रूप से काम करना या जासूसी करना अमेरिकी लोकतंत्र और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों को सिर्फ अमेरिकी लोगों के हित में काम करना चाहिए किसी विदेशी ताकत के लिए नहीं।
वहीं आरकेडिया प्रशासन ने भी इस मामले को चिंताजनक बताया है। हालांकि शहर प्रशासन का कहना है कि जिन गतिविधियों की जांच हो रही है वो वांग के मेयर बनने से पहले की है और शहर की सरकारी व्यवस्था या फंड का इस्तेमाल इसमें नहीं किया गया। वहीं इस पूरे मामले ने अमेरिका में चीन की बढ़ती घुसपैठ और प्रभाव अभियान को लेकर नई बहस छेड़ दी है। अमेरिकी एजेंसियां लगातार आरोप लगाती रही हैं कि चीन सिर्फ आर्थिक और सैन्य स्तर पर नहीं बल्कि राजनीतिक और सूचना तंत्र में भी प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।