अफगानिस्तान में रेस्क्यू मिशन कामयाब होने के बाद अमेरिकी सैनिकों ने बताया आखिरी मंजर

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Sep 02, 2021

वाशिंगटन।अफगानिस्तान से अमेरिकी की वापसी की प्रक्रिया 31 अगस्त को पूरी हो चुकी है। लेकिन इस मिशन के अंतिम दिन के मंजर अब भी अमेरिकी सेना के पायलटों और चालक दल के सदस्यों के जेहन में ताजा हैं। इस मिशन के तहत उड़ान भरने वाले अंतिम विमान के चालक दल के सदस्य बताते हैं कि उस दिन आकाश आतिशबाजी और छिटपुट गोलीबारी से जगमगा रहा था और हवाई क्षेत्र हवाई जहाजों के मलबे और नष्ट किए गए उपकरणों से अटा पड़ा था। अफगानिस्तान से अमेरिका की वापसी के अंतिम दिन 31 अगस्त को काबुल हवाई अड्डे पर पांच अंतिम सी-17 विमान कतार में खड़े थे, जिनके जरिये अमेरिका को अमेरिकी और अफगान नागरिकों को देश से निकालना था।

इसे भी पढ़ें: तालिबान के साथ मुलाकात को लेकर ओवैसी का मोदी सरकार पर तंज, बोले- पास आते भी नहीं, चिलमन से हटते भी नहीं

मिशन के अंतिम घंटो के दौरान रनवे पर इन विमानों की हिफाजत के लिये कोई रॉकेट रक्षा प्रणाली नहीं थी। साथ हवाई अड्डे के नियंत्रण केंद्र (एटीसी) पर इन विमानों को निर्देश देने वाला भी कोई नहीं था। वायु सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल ब्रैडन कोलमैन उस मंजर को भयावह बताते हुए कहते हैं कि “सर्वनाश जैसा मंजर” था। कोलमैन अपने विमान की सुरक्षा के प्रभारी थे। उन्होंने कहा, ऐसा लग रहा था, जैसे हम कोई डरावनी फिल्म देख रहे हों। जहां सारे विमान हवाईअड्डे पर नष्ट नजर आ रहे थे। एक विमान था जो पूरी तरह जला हुआ था।

इसे भी पढ़ें: अफगानिस्तान में हो सकता है गृह युद्ध! पाक विदेश मंत्री ने दिए संकेत

काबुल हवाई अड्डे से उड़ान भरने वाले अमेरिकी वायुसेना के अंतिम विमान के चालक दल के सदस्यों ने बुधवार को एसोसिएटिड प्रेस को दिए साक्षात्कार में उस दिन के अपने अनुभवों को साझा किया। पांच विमानों में सबसे अंत में उड़ान भरने वाले एमओओएसई81 विमान की पायलट एयरफोर्स कैप्टन किरबी वेडान ने कहा, मैं निश्चित रूप से बहुत तनाव में थी। हम बस यही चाह रहे थे कि सबकुछ ठीक रहे और हम उड़ान भरकर यहां से सही-सलामत रवाना हो जाएं। उन्होंने कहा कि हमारे विमान हवाई अड्डे के उस क्षेत्र में खड़े थे, जहां पर पहले हमला हुआ था। रात के समय एक बार आम नागरिकों का एक समूह वायु क्षेत्र में आकर विमान में चढ़ने की कोशिश करने लगा, लेकिन विमान की सुरक्षा में तैनात सैनिकों ने उन्हें रोक दिया। इलिनोइस में स्कॉट एयर फ़ोर्स बेस से, एयर मोबिलिटी कमांड के कमांडर जनरल जैकलीन वैन ओवोस्ट इस मिशन की निगरानी कर रहे थे। वह हवाई अड्डे पर मौजूद अधिकारियों के संपर्क में थे। अमेरिकी सेना के 82वें एयरबोर्न डिवीजन के कमांडर मेजर जनरल क्रिस डोनह्यू अंतिम सी-17 विमान में सवार होने वाले आखिरी सैनिक थे। वह निकासी मिशन के लिए सुरक्षा के प्रभारी थे। विमान के उड़ान भरने के तुरंत बाद उन्होंने संदेश भेजा, शाबाश, हमें आप सभी पर गर्व है।

प्रमुख खबरें

EV Market में मचेगी खलबली! Ola Electric अपने Battery Business के लिए जुटाएगी ₹2000 करोड़

Credit-Debit Card यूजर्स को बड़ा झटका, Airport Lounge की फ्री सुविधा अब होगी बंद।

व्यापार घाटे पर राहत, पर Middle East संकट ने बढ़ाई टेंशन, Indian Exports पर मंडराया खतरा

West Bengal BJP Candidate List: भवानीपुर में भी नंदीग्राम वाला इतिहास दोहराएगा? BJP ने पहली लिस्ट जारी कर ही ममता पर प्रेशर बढ़ाया