By Ankit Jaiswal | Mar 30, 2026
पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आपूर्ति बाधाओं के बीच भारत ने एक अहम कदम उठाते हुए लगभग आठ साल बाद ईरान से रसोई गैस की खरीद शुरू की है। मौजूद जानकारी के अनुसार इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने यह गैस खरीदी है, जिसे अन्य सरकारी कंपनियों के साथ साझा किया जाएगा।
बताया जा रहा है कि करीब 43 हजार टन गैस की यह खेप ब्यूटेन और प्रोपेन का मिश्रण है, जो भारत की कुल मांग के हिसाब से बहुत सीमित मानी जा रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार यह मात्रा देश की आधे दिन की जरूरत ही पूरी कर सकती है।
बता दें कि भारत अपनी रसोई गैस की जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात पर निर्भर करता है और इसमें भी ज्यादातर आपूर्ति पश्चिम एशिया से होती है। हाल के घटनाक्रम में होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर पड़ने से आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है, जिससे देश में दबाव और बढ़ गया है।
कई इलाकों में गैस की कमी के कारण लोगों को वैकल्पिक साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है और कुछ जगहों पर सिलेंडर के लिए लंबी कतारें भी देखी गई हैं। सरकार ने स्थिति को संभालने के लिए होटल और व्यावसायिक उपयोग पर आंशिक रोक लगाई है और प्राकृतिक गैस पाइपलाइन विस्तार को तेज करने के निर्देश दिए हैं।
मौजूद जानकारी के अनुसार यह खरीद ऐसे समय में संभव हो पाई है जब अमेरिका की ओर से कुछ शर्तों के साथ ईरान से ऊर्जा आयात की अनुमति दी गई है। इससे पहले कड़े प्रतिबंधों के कारण लंबे समय से यह व्यापार रुका हुआ था।
सूत्रों के मुताबिक यह गैस लेकर आ रहा जहाज भारत के तटीय क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है और आने वाले दिनों में देश के दक्षिणी बंदरगाह पर पहुंच सकता है। साथ ही भारत दो अन्य गैस खेपों के सुरक्षित मार्ग को लेकर भी बातचीत के अंतिम चरण में बताया जा रहा है।