West Asia में बिगड़ते हालात के बीच हुई Modi Cabinet की अहम बैठक, लिये गये बड़े फैसले, सबको मिलेगा लाभ

By नीरज कुमार दुबे | Mar 25, 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में बड़े अहम फैसले लिये गये। सूचना और प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंत्रिमंडल के फैसलों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना के संशोधित संस्करण और आव्रजन, वीजा तथा विदेशी पंजीकरण एवं ट्रैकिंग योजना को आगे जारी रखने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि सरकार ने संशोधित क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना को वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू करने को मंजूरी दी है। इसके लिए कुल 28840 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य छोटे शहरों और दूरदराज के क्षेत्रों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है, जिससे आम नागरिकों को सस्ती हवाई यात्रा उपलब्ध हो सके।

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इसके अलावा, सरकार ने पहाड़ी, द्वीपीय और दूरस्थ क्षेत्रों में बेहतर संपर्क के लिए 200 आधुनिक हेलीपैड बनाने का फैसला किया है। प्रत्येक हेलीपैड पर लगभग 15 करोड़ रुपये खर्च होंगे। इससे आपातकालीन सेवाओं, चिकित्सा सहायता और अंतिम मील संपर्क में बड़ा सुधार होगा। योजना के अंतर्गत विमानन कंपनियों को व्यवहार्यता अंतर सहायता भी दी जाएगी, जिससे वे कम लाभकारी मार्गों पर भी सेवाएं जारी रख सकें। इसके लिए 10 वर्षों में 10043 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। इसके अलावा आत्मनिर्भर भारत के तहत स्वदेशी विमानों को बढ़ावा देने के लिए ध्रुव हेलीकॉप्टर और डोर्नियर विमान खरीदे जाएंगे। इससे देश के विमानन उद्योग को मजबूती मिलेगी।

इस योजना से छोटे शहरों में व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच आसान होगी और आपातकालीन प्रतिक्रिया समय कम होगा। यह योजना विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हम आपको बता दें कि पिछले नौ वर्षों में इस योजना के तहत 663 मार्गों को चालू किया गया है और 95 हवाई अड्डों को जोड़ा गया है। 3.41 लाख से अधिक उड़ानें संचालित हुईं और 1.62 करोड़ से अधिक यात्रियों ने इसका लाभ उठाया है।

इसके अलावा, केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आव्रजन, वीजा, विदेशी पंजीकरण और ट्रैकिंग योजना को 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इसके लिए 1800 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। इस योजना का उद्देश्य देश की आव्रजन प्रणाली को आधुनिक और सुरक्षित बनाना है। नई तकनीकों के उपयोग से यात्रियों को तेज और सुगम सेवाएं मिलेंगी, जबकि राष्ट्रीय सुरक्षा भी मजबूत होगी।

इस योजना के तहत मोबाइल आधारित सेवाएं, स्वयं सेवा कियोस्क और एकीकृत डिजिटल प्लेटफार्म विकसित किए जाएंगे। इससे वीजा प्रक्रिया पूरी तरह संपर्क रहित हो जाएगी और समय की बचत होगी। हम आपको बता दें कि पिछले वर्षों में 91 प्रतिशत से अधिक ई वीजा आवेदन 72 घंटे के भीतर निपटाए गए हैं। वहीं हवाई अड्डों पर जांच का समय भी घटकर लगभग 2.5 से 3 मिनट रह गया है।

साथ ही तेज आव्रजन कार्यक्रम के तहत बड़े हवाई अड्डों पर स्वचालित द्वार लगाए गए हैं, जिससे जांच का समय घटकर केवल 30 सेकंड रह गया है। इससे यात्रियों को काफी सुविधा मिल रही है। इस योजना से अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की संख्या बढ़ेगी, जिससे पर्यटन, चिकित्सा और व्यापार क्षेत्र को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

कुल मिलाकर, केंद्र सरकार के ये फैसले देश के बुनियादी ढांचे, सुरक्षा और आर्थिक विकास को नई दिशा देने वाले हैं। जहां एक ओर क्षेत्रीय हवाई संपर्क योजना देश के हर कोने को जोड़ने का काम करेगी, वहीं आधुनिक आव्रजन प्रणाली भारत को वैश्विक स्तर पर और अधिक आकर्षक बनाएगी। ये कदम विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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