By अंकित सिंह | Aug 17, 2024
पश्चिम बंगाल सरकार ने आज देश भर में चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच करीब 43 डॉक्टरों के तबादले का आदेश दिया है। यह विरोध प्रदर्शन आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में कोलकाता बलात्कार-हत्या मामले के कारण हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से तबादलों के संबंध में 15 अगस्त (गुरुवार) को जारी सरकारी अधिसूचना के सामने आने के बाद, चिकित्सा बिरादरी और विपक्षी दलों ने दावा किया कि एक साथ कई डॉक्टरों का तबादला राज्य सरकार के प्रतिशोधात्मक रवैये को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि इन 43 डॉक्टरों को मेडिकल छात्रों और जूनियर डॉक्टरों के नेतृत्व में आंदोलन में शामिल होने के लिए दंडित किया गया है।
पूनावाला ने एक्स पर लिखा, "पूरे देश में हर कोई आक्रोशित है और एक ही बात की मांग कर रहा है कि पीड़िता को न्याय मिलना चाहिए। हालांकि, न्याय के बजाय तृणमूल सरकार का एजेंडा बलात्कारी को बचाना है। वे बेटी को बचाने के लिए कुछ नहीं करते। तृणमूल का मतलब तृणमूल कांग्रेस नहीं है, यह 'तालिबान मुझे चाहिए' है।" इससे पहले उन्होंने आरोप लगाया था कि पश्चिम बंगाल सरकार एक प्रशिक्षु चिकित्सक के साथ बलात्कार और उसकी हत्या के मामले में न्याय मांग रहे चिकित्सकों तथा मीडिया के एक वर्ग पर कार्रवाई कर रही है। भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने दावा किया कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी नीत सरकार का एकमात्र एजेंडा ‘‘सच को चुप करना, बलात्कारियों को बचाना और किसी भी कीमत पर सबूत नष्ट करना’’ है।