महाराष्ट्र में सियासी भूचाल! 'ऑपरेशन टाइगर' की आहट के बीच Uddhav Thackeray ने बुलाई सांसदों की आपात बैठक, जारी हुआ व्हिप

By रेनू तिवारी | Jun 18, 2026

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर बड़े उलटफेर के संकेत मिल रहे हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) में संभावित बड़ी फूट और राज्य में हवा पकड़ रही 'ऑपरेशन टाइगर' की चर्चाओं के बीच पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे पूरी तरह एक्शन मोड में आ गए हैं। अपनी पार्टी को बिखरने से बचाने और सांसदों को एकजुट रखने के मकसद से उद्धव ठाकरे ने गुरुवार सुबह 11 बजे नई दिल्ली स्थित पार्टी के संसदीय कार्यालय में एक बेहद अहम और आपात बैठक बुलाई है। इस संकट की गंभीरता को देखते हुए, UBT नेतृत्व ने लोकसभा के अपने सभी सदस्यों को बैठक में अनिवार्य रूप से उपस्थित रहने के लिए 'थ्री-लाइन व्हिप' जारी कर दिया है।

खबरों के मुताबिक, सांसद महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की शिवसेना में शामिल होने की योजना बना रहे हैं। शिंदे सेना के पास लोकसभा के पांच सदस्य हैं और अगर UBT के पांच सांसद पाला बदलते हैं, तो निचले सदन में पार्टी की संख्या बढ़कर 11 हो जाएगी। गौरतलब है कि दलबदल विरोधी कानून से बचने के लिए बागी गुट को लोकसभा में दो-तिहाई समर्थन की जरूरत है।

इसे भी पढ़ें: PM Modi Paris Visit | प्रधानमंत्री मोदी पेरिस पहुंचे, वैश्विक प्रगति के लिए भारत-फ्रांस की साझेदारी को अहम बताया

बागी नेताओं के खिलाफ UBT का कदम

इससे पहले, UBT नेताओं ने बिरला से मुलाकात की, एक ज्ञापन सौंपा और उनसे किसी भी गैर-कानूनी दलबदल को रोकने का आग्रह किया। UBT के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि बिरला ने पार्टी को भरोसा दिलाया है कि अगर कोई उनसे मिलने आता है तो वह "सभी पहलुओं को ध्यान में रखेंगे"। ठाकरे के करीबी माने जाने वाले राज्यसभा सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि महाराष्ट्र में लोकसभा के कई सदस्यों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपये की पेशकश की गई थी।

इस बीच, लोकसभा सांसद अनिल देसाई ने कहा कि कोई भी सांसद केवल दो-तिहाई सांसदों का समर्थन होने पर किसी पार्टी में विलय नहीं कर सकता। बुधवार को राउत के साथ एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, देसाई ने कहा कि अगर किसी गुट के पास जरूरी दो-तिहाई संख्या बल है, तो केवल मूल पार्टी ही विलय कर सकती है। मुंबई साउथ सेंट्रल सीट से लोकसभा सांसद देसाई ने कहा, "यह फ़ैसला स्पीकर को करना है। इसलिए, अगर कोई ग्रुप यह दावा करते हुए किसी दूसरी पार्टी में विलय करना चाहता है कि उसे दो-तिहाई सदस्यों का समर्थन हासिल है, तो नियमों के तहत उस ग्रुप को मान्यता नहीं दी जा सकती; क्योंकि नियमों के मुताबिक़ सिर्फ़ मूल पार्टी ही विलय कर सकती है। भले ही उसमें छह सांसद हों, इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता।"

प्रमुख खबरें

Love Horoscope For 18 June 2026 | आज का प्रेम राशिफल 18 जून 2026 | प्रेमियों के लिए कैसा रहेगा आज का दिन

उत्तर प्रदेश में नई सियासी हलचल! समाजवादी पार्टी में अंदरूनी फूट! ओम प्रकाश राजभर का दावा- बागी बलिया का लाल करेगा अगुवाई

US-Iran Peace Treaty 14-point MoU Text | परमाणु हथियारों पर रोक, होर्मुज़ जलमार्ग खुलेगा और मिलेगा $300 अरब का फंड

Box Office Collection | मैं वापस आऊंगा की रफ़्तार तेज, जानिए हॉन्टेड 3D और भारत भाग्य विधाता का छठे दिन का हाल