By अंकित सिंह | Jul 25, 2023
मणिपुर को लेकर संसद में जारी गतिरोध के बीच एक बार फिर से केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने साफ तौर पर कहा है कि सरकार चर्चा को लेकर पूरी तरीके से तैयार है। अमित शाह ने बताया कि उन्होंने चर्चा को लेकर लोकसभा में कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को चिट्ठी भी लिखी है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि विपक्ष चर्चा से क्यों भाग रहा, यह पता नहीं। सरकार को किसी मुद्दे पर डर नहीं है जिसको जो करनी है कर ले। जनता सब कुछ देख रही है। सरकार मणिपुर मामले पर विस्तार से चर्चा चाहती है। चर्चा के लिए सदन में उचित माहौल होना जरूरी है। संवेदनशील मुद्दों पर चर्चा के लिए उचित माहौल बेहद जरूरी है।
कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने कहा कि सदन के मानसून सत्र के शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री मोदी ने मीडिया के सामने खुद कहा कि मणिपुर की घटना से सबका सिर शर्म से झुक गया है। तो उन्हें इसी बात को लोकसभा और राज्यसभा के समक्ष बोलने में क्या संकोच है? राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने कहा कि भाजपा मणिपुर में हो रहे अत्याचारों, हैवानियत को छुपाना चाहती है। मणिपुर में राष्ट्रपति शासन लागू होना चाहिए और केंद्र सरकार को अपनी ज़िम्मेदारी निभाते हुए राज्य में अमन, शांति और भाईचारा बहाल करना चाहिए...जिस तरह सांसदों को निलंबित किया जा रहा है उसका हम विरोध करते हैं।