By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 27, 2026
केंद्रीय मंत्री अमित शाह ने रविवार को दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रेलवे में व्यापक बदलाव किया है। उन्होंने जनता से ‘‘बेतुकी बातें करने वाली’’ कांग्रेस को तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर चर्चा की चुनौती देने की अपील की। गुजरात के साबरमती स्टेशन से देश की पहली एलएनजी ट्रेन को हरी झंडी दिखाने के बाद एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यकाल में घोटालों के अलावा कोई काम नहीं हुआ, जबकि “12 वर्षों में कोई भी प्रधानमंत्री मोदी पर चार आने का भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सका है।’’ शाह ने कहा, ‘‘2014 से पहले इस देश पर एक ही परिवार का शासन था।
देश की जनता को उनसे कहना चाहिए कि वे आंकड़ों के साथ चर्चा करें। आपने (कांग्रेस ने) 12 लाख करोड़ रुपये के धोखाधड़ी, घोटालों और भ्रष्टाचार के अलावा कुछ नहीं किया। लेकिन 12 वर्षों में कोई भी मोदी पर चार आने का भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सका है।’’ कार्यक्रम के दौरान शाह ने साबरमती स्टेशन से ‘डब्ल्यूएजी-12 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव’ को भी हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
इसके अलावा, उन्होंने 1,500 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाली प्रमुख रेलवे परियोजनाओं को राष्ट्र को समर्पित किया, इनका उद्घाटन किया और इनकी आधारशिला रखी। इनमें रेलवे लाइनों के दोहरीकरण का काम, ‘कवच’ ट्रेन सुरक्षा प्रणाली, स्वचालित सिग्नल प्रणाली और ‘डब्ल्यूएजी-12 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव’ के रखरखाव के लिए एक शेड शामिल हैं। मोदी की सराहना करते हुए शाह ने कहा कि मुंबई से वडोदरा के बीच पहली लंबी ‘डबल-स्टैक कंटेनर’ ट्रेन का परीक्षण सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
‘डबल स्टैक कंटेनर’ ट्रेन एक ऐसी विशेष मालगाड़ी है, जिसमें माल ढोने वाले कंटेनर को एक के ऊपर एक रखकर ले जाया जाता है। शाह ने कहा, ‘‘जब से प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी 2014 में सत्ता में आए हैं, उन्होंने रेलवे में कई नयी सुविधाएं शुरू की हैं और इसे आधुनिक बनाया है। मोदी सरकार के तहत 11,000 किलोमीटर लंबे रेल कॉरिडोर को चार-ट्रैक नेटवर्क में बदला जा रहा है, जिससे रेल यातायात में काफी सुविधा होगी।” शाह ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा रेलगाड़ियों में 97 प्रतिशत जैव-शौचालय लगाए गए हैं, जबकि प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल के दौरान 87 प्रतिशत एलबीएच डिब्बों का उत्पादन भारत में किया गया है।
उन्होंने कहा कि मोदी के शासनकाल में रेलवे का 70 प्रतिशत विद्युतीकरण हुआ, रेलवे सुरक्षा के बजट में 67 प्रतिशत की वृद्धि हुई और लोकोमोटिव उत्पादन की क्षमता में 66 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। शाह ने कहा, ‘‘मोदी ने ‘मेक इन इंडिया’ और आत्मनिर्भर भारत की अवधारणा को मजबूत किया और यह उसी का परिणाम है। वर्ष 2015-16 में रेलवे ने 293 करोड़ लीटर डीजल का इस्तेमाल किया था और 2024-25 तक यह घटकर 108 करोड़ लीटर रह जाएगा और 2030 तक इसे घटाकर शून्य कर दिया जाएगा।
इससे हम विदेशी मुद्रा की बचत करेंगे। यह एक बड़ी उपलब्धि है, जिस पर लोगों का ध्यान नहीं जाता।” उन्होंने कहा कि 2010-11 में रेलवे पटरी के वार्षिक विद्युतीकरण की रफ्तार 75 किलोमीटर थी, जो 2023-24 में बढ़कर 7,188 किलोमीटर हो गई है। उन्होंने कहा कि एक कठिन काम को बहुत सुचारु रूप से पूरा किया गया है।
उन्होंने कहा, ‘‘रेलवे का 99.6 प्रतिशत विद्युतीकरण पूरा हो चुका है। बाकी 0.3 प्रतिशत काम भी हम पूरा कर लेंगे। चीन में विद्युतीकरण 92 प्रतिशत, स्पेन में 68 प्रतिशत, फ्रांस में 60 प्रतिशत और ब्रिटेन जैसे छोटे देश में 49 प्रतिशत है।
हम यह सुनिश्चित करके आगे बढ़ेंगे कि भारत में रेलवे का विद्युतीकरण 100 प्रतिशत हो।’’ राज्य के बारे में बात करते हुए शाह ने कहा कि 2009-14 की अवधि में रेलवे बजट में गुजरात के लिए आवंटन 589 करोड़ रुपये था, जो 2026-27 में बढ़कर 17,366 करोड़ रुपये हो गया है। इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी और रेलवे के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।