Hurriyat Conference से तीन और गुट अलग हुए, Amit Shah का Kashmir दौरा अलगाववादियों पर बड़ी चोट साबित हुआ

By नीरज कुमार दुबे | Apr 08, 2025

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के जम्मू-कश्मीर दौरे के दौरान अलगाववादी और बुरी तरह बिखर गये हैं। हम आपको बता दें कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की है कि ‘जम्मू-कश्मीर इस्लामिक पॉलिटिकल पार्टी’, ‘जम्मू-कश्मीर मुस्लिम डेमोक्रेटिक लीग’ और ‘कश्मीर फ्रीडम फ्रंट’ ने अलगाववादी समूह ‘हुर्रियत कॉन्फ्रेंस’ से खुद को अलग कर लिया है। जम्मू-कश्मीर में अब तक इस प्रकार के 11 संगठन अलगाववाद से किनारा कर चुके हैं। अमित शाह ने कहा कि यह कदम संविधान में लोगों के भरोसे को दर्शाता है। हम आपको बता दें कि यह घोषणा ऐसे समय में की गई है जब अमित शाह तीन दिवसीय यात्रा पर जम्मू-कश्मीर में हैं। अमित शाह ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर लिखा, ''‘जम्मू-कश्मीर इस्लामिक पॉलिटिकल पार्टी’, ‘जम्मू-कश्मीर मुस्लिम डेमोक्रेटिक लीग’ तथा ‘कश्मीर फ्रीडम फ्रंट’ नामक तीन और संगठनों ने हुर्रियत से खुद को अलग कर लिया है। यह घाटी के लोगों के भारत के संविधान में भरोसे को दर्शाता है।’’


गृह मंत्री ने कहा कि एकजुट एवं शक्तिशाली भारत को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दृष्टिकोण आज और भी सुदृढ़ हुआ है तथा अब तक 11 संगठनों ने अलगाववाद को त्यागकर इस दृष्टिकोण के प्रति अटूट समर्थन दर्शाया है। हम आपको बता दें कि पिछले महीने ‘हुर्रियत कॉन्फ्रेंस’ के कई घटकों ने अलगाववादी समूह से अलग होने की घोषणा की थी। हुर्रियत से अलग होने की घोषणा करने वाले समूहों में शाहिद सलीम के नेतृत्व वाले ‘जम्मू कश्मीर पीपुल्स मूवमेंट’, वकील शफी रेशी के नेतृत्व वाले ‘जम्मू-कश्मीर डेमोक्रेटिक पॉलिटिकल मूवमेंट’ और मोहम्मद शरीफ सरताज के नेतृत्व वाले ‘जम्मू-कश्मीर फ्रीडम मूवमेंट’ जैसे समूह शामिल हैं। जब इन समूहों ने 25 मार्च को यह घोषणा की थी तब अमित शाह ने कहा था कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की एकीकरण नीतियों ने जम्मू-कश्मीर से अलगाववाद को बाहर कर दिया है। इसके दो दिन बाद ‘हुर्रियत कॉन्फ्रेंस’ के दो अन्य घटकों गुलाम नबी सोफी के नेतृत्व वाले ‘जम्मू कश्मीर तहरीकी इस्तेकलाल’ और गुलाम नबी वार के नेतृत्व वाले ‘जम्मू कश्मीर तहरीक-ए-इस्तिकामत’ ने अलगाववाद त्यागने की घोषणा की थी।

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हम आपको यह भी बता दें कि अमित शाह ने श्रीनगर दौरे के दौरान जम्मू-कश्मीर में जारी विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की। अधिकारियों ने बताया कि राजभवन में आयोजित बैठक में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के अलावा केंद्रीय गृह मंत्रालय एवं जम्मू-कश्मीर सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लिया। अधिकारियों ने बैठक के दौरान गृह मंत्री को केंद्र शासित प्रदेश में जारी विकास परियोजनाओं की जानकारी दी। इसके बाद एक अन्य बैठक में अमित शाह ने जम्मू-कश्मीर की सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की।


हम आपको यह भी बता दें कि अमित शाह ने कीर्ति चक्र से सम्मानित पुलिस उपाधीक्षक हुमायूं मुजम्मिल भट की विधवा और उनके 20 महीने के बेटे से सोमवार को मुलाकात की थी। हुमायूं मुजम्मिल भट ने 2023 में आतंकवादियों से लड़ते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिये थे। राजभवन जाने से पहले केंद्रीय गृह मंत्री ने दिवंगत पुलिस अधिकारी के पिता एवं सेवानिवृत्त पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) गुलाम हसन भट के साथ करीब 20 मिनट बिताए। हम आपको याद दिला दें कि मरणोपरांत कीर्ति चक्र से सम्मानित हुमायूं मुजम्मिल भट उन चार सुरक्षाकर्मियों में शामिल थे जो सितंबर 2023 में दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के कोकेरनाग के गदूल गांव के आसपास घने जंगलों में आतंकवादियों से लड़ते हुए शहीद हो गए।

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