By अंकित सिंह | Nov 19, 2022
गृह मंत्री अमित शाह ने आतंकवाद-रोधी वित्तपोषण पर तीसरे 'नो मनी फॉर टेरर' मंत्रिस्तरीय सम्मेलन के समापन सत्र पर कहा कि आतंकवाद ने आज एक ऐसा विकराल रूप धारण किया है, जिसका प्रभाव हर स्तर पर हमें दिखाई पड़ता है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि लोकतंत्र, मानव अधिकार, आर्थिक प्रगति और विश्व शांति के खिलाफ आतंकवाद सबसे बड़ा नासूर है। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि इसे हमें जीतने नहीं देना है। गृह मंत्री ने कहा कि हम आतंकवाद के सभी रूपों के खिलाफ एक प्रभावी दीर्घकालिक और ठोस लड़ाई के बिना, भयमुक्त समाज और भयमुक्त दुनिया का अस्तित्व सोच ही नहीं सकते हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में, भारत सरकार ने सामाजिक गतिविधियों की आड़ में युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और उन्हें आतंक की ओर धकेलने की साजिश रचने वाले एक संगठन पर प्रतिबंध लगा दिया है। मेरा मानना है कि हर देश को ऐसे संस्थानों की पहचान करनी चाहिए और उनके खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
वहीं, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने भी आज 'नो मनी फॉर टेरर' सम्मेलन को संबोधित किया। अंतर्राष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर सत्र में बात की। हाल के वर्षों में आतंकवादी खतरे के बढ़ते दायरे, पैमाने और तीव्रता के कारणों पर प्रकाश डाला गया। जयशंकर ने कहा कि भारत, समान विचारधारा वाले साझेदारों के साथ, उन मौजूदा खतरों को उजागर करने के लिए प्रतिबद्ध और ऊर्जावान बना रहेगा जो आतंकवाद वैश्विक सुरक्षा और स्थिरता के लिए उत्पन्न करता है। हम इस संकट और इसके पोषण और इसे आगे बढ़ाने में शामिल सभी लोगों पर प्रकाश डालेंगे।