By अंकित सिंह | Oct 20, 2026
18 अक्टूबर को 35,000 से ज़्यादा लोग 'चलो यमुना' अभियान से जुड़े। उन्होंने नदी के किनारे 70 जगहों की सफ़ाई की और एक ही सुबह में 76,755 किलोग्राम कचरा हटाया। जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने सोमवार को इसकी जानकारी दी और बताया कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 22 अक्टूबर को दिल्ली जल बोर्ड की 8,941.22 करोड़ रुपये की 43 परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करेंगे। इस अभियान में वज़ीराबाद के सूर घाट और सिग्नेचर ब्रिज से लेकर यमुना बाज़ार, ITO, निज़ामुद्दीन, सराय काले ख़ान और चिल्ला तक का इलाका शामिल था। इसमें 20,000 आम नागरिक, परिवार और RWA सदस्य, 10,500 पार्टी कार्यकर्ता, 2,500 छात्र और 2,000 NGO स्वयंसेवक शामिल हुए।
आने वाले प्रोजेक्ट्स में ओखला में 1,161 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला 124 MGD का नया सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) और 1,041 करोड़ रुपये की लागत से 8 STPs को अपग्रेड करना शामिल है। इन अपग्रेड्स से इनकी कुल क्षमता 78.2 MGD से बढ़कर 140.8 MGD हो जाएगी, जिससे 78.5 लाख लोगों को फायदा मिलेगा। इसके अलावा, 3,113.67 करोड़ रुपये की लागत से 29 और डिसेंट्रलाइज्ड (विकेंद्रीकृत) STPs और सीवेज पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इनसे 358 अनधिकृत कॉलोनियों और 113 गाँवों के 36.29 लाख निवासियों को लाभ मिलेगा। इस पैकेज में 1,691 करोड़ रुपये का 1,034 km लंबा सीवर नेटवर्क, चंद्रावल में 298.3 करोड़ रुपये की लागत से 477 MLD का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, और 225.02 करोड़ रुपये की लागत से 4.5 km लंबा मुंडका ट्रंक ड्रेन भी शामिल है। चंद्रावल प्लांट, 1935 और 1955 में बनी पुरानी सुविधाओं की जगह लेगा और 22 लाख लोगों को सेवा देगा।
इस पूरे पैकेज में से 2,827.11 करोड़ रुपये की लागत वाले 10 प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन किया जाएगा, जबकि 6,114.11 करोड़ रुपये की लागत वाले 33 प्रोजेक्ट्स की आधारशिला रखी जाएगी। सिंह ने कहा कि हमारा मुख्य फोकस यमुना के किनारों की सफाई तक सीमित रहने के बजाय, सीवेज को यमुना में जाने से रोकने पर होना चाहिए। मंत्री ने 'यमुना के साथ जन्मदिन' (Birthday with Yamuna) पहल की भी घोषणा की, जिसके तहत नदी के किनारे झोपड़ियाँ बनाई जाएंगी ताकि लोग वहाँ अपना जन्मदिन मना सकें। उन्होंने बताया कि वह खुद 7 नवंबर को अपना जन्मदिन यमुना के किनारे मनाएंगे और दिल्लीवासियों से भी इसमें शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस सफाई अभियान का मकसद इसे एक निरंतर चलने वाले जन-आंदोलन में बदलना है।