By Ankit Jaiswal | Sep 23, 2026
मुंबई में महंगे घरों की खरीद का सिलसिला लगातार चर्चा में बना हुआ है। अब एंजेल वन के संस्थापक, अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक दिनेश ठक्कर का नाम भी इस सूची में जुड़ गया है। उन्होंने मुंबई के जुहू इलाके में एक पूरी सात मंजिला आवासीय इमारत खरीदने के लिए करीब 711 करोड़ रुपये का समझौता किया है। एम्बेसी डेवलपमेंट्स ने इसे देश में एक ही आवासीय इकाई की सबसे बड़ी खरीद बताया है।
दिनेश ठक्कर एंजेल वन लिमिटेड के संस्थापक हैं और कंपनी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भी हैं। एंजेल वन शेयर कारोबार और वित्तीय सेवाओं के क्षेत्र में काम करने वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल है। कंपनी के माध्यम से लोग शेयरों और अन्य निवेश साधनों में ऑनलाइन कारोबार और निवेश कर सकते हैं। इसके अलावा सलाह, मार्जिन सुविधा, स्वचालित कारोबार और खरीद-बिक्री के बेहतर विकल्प जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराई जाती हैं।
ठक्कर ने इस महंगी संपत्ति को खरीदने की वजह भी बताई है। उनके अनुसार, नया घर तलाशते समय जुहू की जगह, निजीपन, खुला स्थान और समुद्र का शानदार नजारा उनके लिए खास मायने रखता था। उन्होंने कहा कि जुहू मुंबई के उन इलाकों में है, जिसकी अपनी अलग पहचान है। वह ऐसा घर चाहते थे, जो उनके परिवार के लिए आरामदायक और लंबे समय तक रहने के लिए खास जगह बन सके।
गौरतलब है कि एम्बेसी डेवलपमेंट्स ने इस सौदे के लिए ठक्कर के साथ समझौता किया है। एम्बेसी टेरेजा करीब दो एकड़ में फैली परियोजना है, जिसमें कुल पांच इमारतें हैं। परियोजना को विकास प्रबंधन मॉडल के तहत तैयार किया जा रहा है। पूरी परियोजना से एम्बेसी को करीब 3,000 करोड़ रुपये की आय होने की उम्मीद बताई गई है।
एम्बेसी समूह के अध्यक्ष जितेंद्र विरवानी ने ठक्कर की खरीद को मुंबई में कंपनी की पहचान और काम पर भरोसे के रूप में बताया है। उनके मुताबिक, शहर में परियोजना शुरू होने के करीब 18 महीने के भीतर इतने बड़े सौदे का होना कंपनी के लिए महत्वपूर्ण है।
जुहू में संपत्ति की कीमत पहले से ही काफी ऊंची है। मौजूदा बाजार आंकड़ों के अनुसार, इलाके में घरों की कीमत करीब 70,000 रुपये से लेकर 1.3 लाख रुपये प्रति वर्ग फुट तक हो सकती है। कीमत में परियोजना की स्थिति, समुद्र का नजारा, जगह और सुविधाओं जैसे कई पहलुओं का असर पड़ता है। ऐसे में ठक्कर का करीब एक लाख रुपये प्रति वर्ग फुट का सौदा इस इलाके की ऊंची कीमतों के दायरे में आता है।
यह खरीद ऐसे समय हुई है जब मुंबई में महंगे घरों की मांग मजबूत बनी हुई है। इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी और सीआरई मैट्रिक्स के आंकड़ों के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में मुंबई में 10 करोड़ रुपये या उससे ज्यादा कीमत वाले घरों की बिक्री 12 प्रतिशत बढ़कर 18,512 करोड़ रुपये तक पहुंच गई थी। इस दौरान ऐसे 957 घर बिके, जबकि पिछले साल इसी अवधि में यह संख्या 761 थी।
इंडिया सोथबीज इंटरनेशनल रियल्टी के कार्यकारी निदेशक सुदर्शन शर्मा के अनुसार, 711 करोड़ रुपये का यह सौदा मुंबई की नई अति-महंगी आवासीय परियोजनाओं में देखी जा रही कीमतों के अनुरूप है। खासकर समुद्र के सामने स्थित बड़े घरों, कम घनत्व वाली परियोजनाओं और बेहतर सुविधाओं वाली संपत्तियों की कीमत काफी ऊंची बनी हुई है।
बता दें कि म्बेसी टेरेजा की तुलना शहर की कुछ अन्य समुद्र के सामने स्थित महंगी परियोजनाओं से भी की जा रही है। मुंबई में संपत्ति बाजार के जानकारों के मुताबिक, ऐसे इलाकों में सीमित जमीन, समुद्र का नजारा और निजीपन जैसी खूबियां संपत्तियों की कीमत बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाती हैं।
दिनेश ठक्कर की यह खरीद वित्तीय क्षेत्र में बढ़ती संपत्ति और मुंबई के महंगे आवासीय बाजार के बीच के रिश्ते को भी दिखाती है। एम्बेसी समूह की रियल एस्टेट के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी मौजूदगी है। समूह का संबंध एम्बेसी ऑफिस पार्क्स आरईआईटी और वीवर्क इंडिया से भी रहा है। मुंबई महानगर क्षेत्र के अलावा समूह दिल्ली-एनसीआर, बेंगलुरु, चेन्नई और इंदौर में भी परियोजनाएं चला रहा है।