गणपति की गिरफ्तारी को लेकर Karnataka में हिंदुओं में गुस्सा, NIA जांच की मांग की

By Prabhasakshi News Desk | Sep 17, 2024

गणेश उत्सव के बाद कर्नाटक में गणपति के मूर्ति विसर्जन जुलूस पर पथराव की घटना के बाद गणेश प्रतिमा को ही पुलिस ने जब्त कर लिया है। राज्य में पुलिस के इस एक्शन से इलाके में तनाव का माहौल बन गया है। जानकारी के अनुसार, पुलिस के एक्शन को कर्नाटक के अलावा महाराष्ट्र के भी हिंदू समुदाय में प्रशासन को लेकर निराशा की लहर है। देश में पहली बार ऐसी तस्वीर देखी गई है, जब किसी धार्मिक कार्यक्रम में भगवान की मूर्ति को जब्त किया गया हो। भगवान गणपति हिंदुओं के आराध्य देव हैं। हिंदुओं में किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत गणेश वंदना से की जाती है। 

कांग्रेस को बीजेपी ने दिखाया आईना 

देश में 2009 में कांग्रेस की सरकार थी। तब मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री और मुख्य न्यायाधीश केजी बालाकृष्णन थे। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गवर्नमेंट हाउस में इफ्तार पार्टी की मेजबानी की और इसमें मुख्य न्यायाधीश भी शामिल हुए थे। पीएम मोदी की गणपति आरती पर आपत्ति जताने वाले कांग्रेसी आज मनमोहन सिंह और बालाकृष्णन की उस दूसरी पार्टी के बारे में भूल गए। शिंदे गुट के शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने आलोचना करते हुए कहा कि इसका मतलब है कि कांग्रेस के सरकारी आवास पर होने वाली इफ्तार पार्टी की अनुमति है लेकिन गणेश जी की आरती की नहीं।

हिंदू देवी-देवताओं का पवार की मौजूदगी में हुआ अपमान 

संभाजी ब्रिगेड की हाल ही में संस्था सालगिरह मनाई गई। कार्यक्रम में इस संगठन के संरक्षक शरद पवार और कोल्हापुर से कांग्रेस सांसद शाहू महाराज भी शामिल हुए। इस दौरान भागवत धर्म की ध्वजा लेने वाले वारकरी संप्रदाय के प्रभु श्री रामचन्द्र और करोड़ों आस्थावानों के आराध्य स्थल स्वामी समर्थ की बहुत ही अभद्र भाषा में आलोचना की गई। स्वामी समर्थ को "कम कपड़ों वाला व्यक्ति" कहा जाता था, लोगों का यह भी कहना है कि उस वक्त शरद पवार और शाहू महाराज ताली बजा रहे थे।

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