Prabhasakshi NewsRoom: अंकिता भंडारी का शव बरामद, हत्यारे के रिसॉर्ट को उत्तराखण्ड सरकार ने बुलडोजर से ढहाया

By नीरज कुमार दुबे | Sep 24, 2022

उत्तराखंड में अंकिता भंडारी मर्डर केस के आरोपी पुलकित आर्य को पुलिस ने गिरफ्तार तो कर ही लिया है साथ ही शनिवार सुबह ऋषिकेश में स्थित पुलकित आर्य के वनतारा रिसॉर्ट में प्रशासन ने बुलडोजर भी चला दिया। इस बीच पुलिस को ऋषिकेश की चिला नहर से अंकिता का शव मिल गया है, जिसके बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड मामले की जांच के लिए पुलिस उप महानिरीक्षक पी. रेणुका देवी के नेतृत्व में एक SIT का गठन कर इस गंभीर मामले की गहराई से जांच के आदेश दे दिए हैं। इस बीच ऋषिकेश के SSP यशवंत सिंह ने कहा है कि घटना की जानकारी मिलते ही हमने टीमें गठित कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। तीनों आरोपियों को गिरफ़्तार कर लिया है। तीनों को कल कोर्ट में पेश किया और रिमांड मिल गई है। उनको जेल भेज दिया है और शव का पोस्टमार्टम एम्स में हो रहा है।

पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों- रिसॉर्ट संचालक पुलकित आर्य, प्रबंधक सौरभ भास्कर और सहायक प्रबंधक अंकित गुप्ता को गिरफ्तार किया गया है। मुख्य आरोपी पुलकित हरिद्वार के भाजपा नेता विनोद आर्य का पुत्र बताया जा रहा है। विनोद आर्य पूर्व में दर्जाधारी राज्य मंत्री भी रह चुके हैं। विनोद आर्य को उत्तराखंड माटी कला बोर्ड के अध्यक्ष पद पर नियुक्ति के साथ राज्य मंत्री का दर्जा दिया गया था।

उधर, उत्तराखण्ड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने घटना को दुखद करार देते हुये इस जघन्य अपराध को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। धामी ने कहा कि जिस किसी ने यह अपराध किया है, उसे कड़ी सजा दिलाई जाएगी। उन्होंने कहा, ‘‘यह दुखद और जघन्य घटना है। पुलिस अपना काम कर रही है। ऐसे जघन्य अपराध करने वालों पर कठोर से कठोर कार्रवाई होगी। पीड़िता को न्याय दिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।'' इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के सभी जिलाधिकारियों को प्रदेश के सभी रिसॉर्ट की जांच करने तथा अवैध बने या गैरकानूनी रूप से संचालित रिसॉर्टों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि रिसॉर्ट, होटल तथा अतिथि गृहों में काम करने वाले कर्मचारियों से भी उनकी स्थिति के बारे में जानकारी ली जाए तथा इस संबंध में शिकायतों पर कदम उठाए जाएं।

इस बीच, पौड़ी के अपर पुलिस अधीक्षक शेखर चन्द्र सुयाल ने बताया है कि अंकिता की गुमशुदगी के संबंध में राजस्व पुलिस चौकी उदयपुर तल्ला में मामला दर्ज कराया गया था। उन्होंने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए उसे लक्ष्मणझूला पुलिस को सौंपा गया जिसने 24 घंटे के अन्दर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सुयाल ने बताया कि पूछताछ में पहले तो आरोपी टाल मटोल करते रहे और पुलिस को भ्रमित करते रहे लेकिन सख्ती से पूछने पर उन्होंने अंकिता की हत्या कर उसका शव चीला नहर में फेंकने की बात स्वीकार कर ली। सुयाल ने बताया कि अंकिता से विवाद के बाद उन्होंने यह कदम उठाया। 

उधर, प्रदेश के पुलिस महानिदेशक अशोक कुमार ने कहा है कि इस प्रकरण में गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ हत्या एवं साक्ष्य छिपाने की धाराएं जोड़ी गयी हैं क्योंकि अंकिता की हत्या करने के बाद उन्होंने स्वयं उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई थी।

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