By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Aug 28, 2023
पौड़ी की अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय ने बहुचर्चित अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे में भारतीय दंड विधान की धारा 120 (बी) जोड़ने की प्रार्थना करने वाली याचिका सोमवार को खारिज कर दी। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता अवनीश नेगी ने 17 अगस्त को इस संबंध में याचिका दायर की थी जिस पर सुनवाई के बाद अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश रीना नेगी ने अपना निर्णय सोमवार के लिए सुरक्षित रख लिया था। अवनीश नेगी ने बताया कि न्यायाधीश ने याचिका खारिज करते हुए कहा कि मामले की शुरूआत में जब यह धारा जुड़ी हुई थी तो फिर बीच में इसे क्यों हटवाया गया। उन्होंने बताया कि अदालत ने कहा कि यह धारा एक बार जुड़ चुकी थी और फिर उसे हटाया गया तो अब इसे पुनः जोड़े जाने का कोई औचित्य नहीं है।
हांलांकि, अंकिता के माता-पिता और परिजनों ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर आरोप लगाया था कि सजवाण मुकदमे में ठीक से पैरवी नहीं कर रहे हैं जिससे केस कमजोर हो रहा है। इस पर सरकार ने उन्हें इस जिम्मेदारी से हटा दिया था। बाद में उन्होंने आरोपियों की तरफ से मुकदमा लडने की जिम्मेदारी संभाली थी लेकिन आज उससे भी उन्होंने नाम वापस ले लिया। उधर, सजवाण के स्थान पर नियुक्त किए गए विशेष लोक अभियोजक जितेंद्र रावत पर भी अंकिता के परिजनों ने अविश्वास जताया था और उन पर भी केस को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाने की मांग की थी। इसके बाद रावत के स्थान पर सरकार ने इसकी जिम्मेदारी अवनीश नेगी को सौंपी है। मामले की अगली सुनवाई एक सितंबर को होगी।