By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Nov 12, 2018
पठानकोट। थलसेना प्रमुख बिपिन रावत ने सोमवार को कहा कि सरकार की नीति है कि कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने वाले लोगों को निष्प्रभावी कर दिया जाना चाहिए वहीं सेना का ध्यान यह सुनिश्चित करने पर है कि कश्मीरी युवक आतंकवाद से नहीं जुड़ें। थल सेना प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नियंत्रण रेखा के पार से घुसपैठ जारी है। उन्होंने यहां संवाददाताओं से कहा, "सरकार की स्पष्ट नीति है कि वह आतंकवादियों को हिंसा की अनुमति नहीं देगी। जो कोई हिंसा में शामिल होता है, उसे निष्प्रभावी किया जाएगा।"
उन्होंने कहा, "हमें नीति बदलते रहना है... हमने कुछ अलग करना जारी रखा है। इसकी समीक्षा होनी चाहिए ताकि हम प्रतिद्वंद्वी से आगे रह सकें।" उन्होंने कहा कि भारतीय सेना नियंत्रण रेखा पर क्या कर रही है, इसे सार्वजनिक नहीं किया जाता और वे पाकिस्तान से ज्यादा प्रयास कर रहे हैं। रावत ने कहा कि हम अपनी प्रशंसा खुद नहीं करते। वे जब भी कुछ करते हैं, तो उन्हें उचित जवाब दिया जाता है। वे जानते हैं कि हम मजबूत हैं और हम मजबूत कार्रवाई कर सकते हैं।
सेना प्रमुख ने कहा कि पाकिस्तान ने नुकसान पहुंचाने के लिए आतंकवादियों को भेजना जारी रखा और इससे लोगों के खिलाफ हिंसा हुई। उन्होंने कहा, "कश्मीरी हमारे लोग हैं। हमें उनकी देखभाल करनी है।" जम्मू, कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र देश का हिस्सा हैं और वहां हिंसा की अनुमति नहीं दी जाएगी।