अचानक LoC पहुँचे Army Chief General Dhiraj Seth, सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की, आतंकवाद रोधी अभियान और तेज हुए

By नीरज कुमार दुबे | Jul 09, 2026

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई के बीच सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ का श्रीनगर दौरा बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नियंत्रण रेखा पर लगातार जारी घुसपैठ की कोशिशों, भीतरी इलाकों में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियानों और सीमा पार की नई चुनौतियों के बीच सेना प्रमुख ने मोर्चे की पूरी तस्वीर का जायजा लिया। श्रीनगर स्थित चिनार कोर मुख्यालय में उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था, सैन्य तैयारियों और युद्धक क्षमता की विस्तार से समीक्षा करते हुए साफ संदेश दिया कि आतंकवाद और उसके पूरे तंत्र को कुचलने के लिए भारतीय सेना हर मोर्चे पर पूरी ताकत और पूरी तैयारी के साथ डटी हुई है।

देखा जाये तो सेना प्रमुख का यह दौरा ऐसे समय हुआ है, जब राजौरी जिले के दोरीमल गम्भीर मुगलान क्षेत्र के घने जंगलों में चल रहा आपरेशन शेरूवाली लगातार 45 से ज्यादा दिनों से जारी है। मई के अंतिम सप्ताह में शुरू किए गए इस व्यापक आतंकवाद विरोधी अभियान का उद्देश्य दुर्गम पहाड़ी इलाकों में छिपे आतंकवादियों को खोजकर समाप्त करना है। सुरक्षा बल आधुनिक उपकरणों, निगरानी तंत्र और बहु एजेंसी समन्वय के साथ लगातार तलाशी अभियान चला रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि अभियान अपने सभी उद्देश्य पूरे होने तक जारी रहेगा। इससे पहले इस अभियान के दौरान मुठभेड़ तेज होने पर अतिरिक्त बल और रसद भेजकर पूरे क्षेत्र की घेराबंदी मजबूत की गई थी, ताकि कोई भी आतंकी जंगलों का लाभ उठाकर भाग न सके। इसी अभियान के दौरान नियंत्रण रेखा के नौशेरा सेक्टर में गश्त के समय बारूदी सुरंग विस्फोट में एक कनिष्ठ कमीशंड अधिकारी सहित चार सैनिक घायल भी हुए थे, जिन्हें तत्काल उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

इसी बीच, सुरक्षा एजेंसियों की सक्रियता का एक और उदाहरण कठुआ जिले में सामने आया, जहां आतंकवादियों के एक ठिकाने का भंडाफोड़ करते हुए दो हथगोले बरामद किए गए। यह ठिकाना बिलावर के ऊपरी क्षेत्र में आतंकियों के एक मददगार की निशानदेही पर मिला। जांच एजेंसियां उससे पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार उस पर पिछले कई वर्षों में सीमा पार से एक दर्जन से अधिक आतंकवादियों की घुसपैठ में सहायता करने का आरोप है। इसी बीच सीमा सुरक्षा बल ने हीरानगर सेक्टर के सीमावर्ती गांव से एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए पुलिस को सौंप दिया है। इन घटनाओं से स्पष्ट है कि आतंकवादियों के नेटवर्क और उनके स्थानीय सहयोगियों पर भी लगातार शिकंजा कसा जा रहा है।

दूसरी ओर, इन सुरक्षा अभियानों के समानांतर पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में हालात लगातार विस्फोटक बनते जा रहे हैं। वहां संयुक्त अवामी एक्शन कमेटी के नेतृत्व में चल रहा जन आंदोलन प्रशासनिक अधिकार, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और स्थानीय संसाधनों पर अधिकार जैसे मुद्दों तक फैल चुका है। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि इस क्षेत्र पर वास्तविक नियंत्रण इस्लामाबाद का है और स्थानीय सरकार के पास प्रभावी अधिकार नहीं हैं। आंदोलन के नेताओं की गिरफ्तारियां, विरोध प्रदर्शन पर बल प्रयोग और आवश्यक वस्तुओं की कथित कमी ने लोगों के असंतोष को और गहरा किया है। कई स्थानों पर पश्तून और बलोच संगठनों ने भी इस आंदोलन के प्रति समर्थन व्यक्त किया है, जिससे पाकिस्तान के लिए आंतरिक चुनौती और गंभीर होती दिखाई दे रही है।

विशेषज्ञों का मानना है कि पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में जारी अशांति का असर उसकी आंतरिक सुरक्षा और रणनीतिक स्थिति पर पड़ सकता है। यही कारण है कि भारत की सुरक्षा एजेंसियां सीमा पार की गतिविधियों पर लगातार पैनी नजर रखे हुए हैं। ऐसे माहौल में सेना प्रमुख का श्रीनगर पहुंचकर सैन्य तैयारियों की समीक्षा करना केवल नियमित दौरा नहीं, बल्कि यह संदेश भी है कि भारतीय सेना सीमा की सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियान और नागरिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है। घाटी से लेकर नियंत्रण रेखा तक सुरक्षा तंत्र की निरंतर सक्रियता यह संकेत देती है कि जम्मू-कश्मीर में शांति और स्थिरता बनाए रखने के लिए सुरक्षा बल हर चुनौती का सामना करने को तैयार हैं।

प्रमुख खबरें

Kerala में सड़क हादसे में जान गंवाने वाले 17 वर्षीय Adhil के अंग किए गए दान

Yashasvi Jaiswal पर ICC की बड़ी कार्रवाई, Colombo टेस्ट में झड़प पर लगा जुर्माना

Privacy Violation: दिल्ली हाईकोर्ट ने Abhijit Iyer-Mitra और मीडिया आउटलेट्स को जारी किया समन, मांगा जवाब

JPSC Civil Services Exam में धांधली की गूंज, Supreme Court ने केंद्र और झारखंड सरकार को भेजा नोटिस