एनकाउंटर के दौरान आतंकियों के आत्मसमर्पण पर जोर दे रही सेना, SOP में किया बदलाव

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 15, 2021

अवंतीपुरा। भारतीय सेना ने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद-रोधी अभियानों के लिए अपनी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) में बदलाव किया है, जिसके तहत वह मुठभेड़ों के दौरान अपने कर्मियों की जान को खतरा होने के बावजूद आतंकवादियों के आत्मसमर्पण पर अधिक जोर दे रही है। यह एक ऐसी नीति है जिससे बीते छह महीने के दौरान 17 युवकों की जान बचाने में मदद मिली है। दक्षिण तथा मध्य कश्मीर के हिस्सों में आतंकवादी गतिवधियों से निपटने वाले विक्टर फोर्स के तहत काम कर रहीं राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) की चार इकाइयों को शुक्रवार को सेना दिवस के मौके पर प्रतिष्ठित ‘चीफ ऑफ आर्मी स्टाफ (सीओएएस) यूनिट प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया गया। इकाइयों-50 आरआर, 44 आरआर, 42 आरआर तथा 34 आरआर विभिन्न आतंकवादी रोधी अधियानों में हिस्सा ले चुकी हैं और पिछले साल सितंबर से सात आत्मसमर्पण सुनिश्चित किए हैं। 

उन्होंने कहा, इससे स्थानीय आतंकवादियों को यह भरोसा मिला है कि राष्ट्रीय मुख्यधारा में उनके लौटने के दरवाजे खुले हैं। हम राष्ट्रीय मुख्यधारा में लौटने के इच्छुक लोगों के आत्मसमर्पण को स्वीकार करने के लिये प्रतिबद्ध हैं, भले ही इसके लिये हमें अपनी जान को खतरे में क्यों न डालना पड़े। मेजर जनरल बाली ने साथ ही यह भी स्पष्ट कि कि बंदूकें उठाकर हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ अभियान जारी रहेंगे। 

इसे भी पढ़ें: घाटी में सोशल मीडिया के जरिए आतंक फैलाने की हो रही कोशिश ! सुरक्षा एजेंसियों ने 100 अकाउंट्स का पता लगाया 

कुछ वीडियो में आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादी इसके लिए सेना की प्रशंसा करते हुए दिखे हैं कि उसने उन्हें हिंसा का रास्ता छोड़ने का एक मौका दिया। सेना की यह नयी रणनीति पिछले साल तब अमल में आई थी जब आतंकवादी समूह अल बद्र के आतंकवादी शोएब अहमद भट ने मुठभेड़ के दौरान हथियार डालने की इच्छा प्रकट की थी। शोएब दक्षिण कश्मीर के शोपियां जिले में प्रादेशिक सेना के एक जवान की हत्या करने वाले समूह का हिस्सा था, लेकिन इसके बावजूद सैन्यकर्मियों ने उसका आत्मसमर्पण सुनिश्चित किया और उसे पूछताछ के बाद पुलिस को सौंप दिया गया।

प्रमुख खबरें

PM Modi ने किशोरियों के स्वास्थ्य पर जोर दिया, आंगनवाड़ी केंद्रों में जनभागीदारी बढ़ाने का आह्वान

ट्रेनें रोकने से देश का युवा नहीं थमेगा, Chirag Paswan ने विपक्ष के प्रदर्शन पर साधा निशाना

Team India कोच Gautam Gambhir के बार-बार बदलाव पर Shane Watson ने उठाए सवाल

Makhana Export को रफ्तार देगा Bihar, 2030-31 तक 30 हजार टन का लक्ष्य तय