'अहंकार और नाटकबाजी', Parliament में Rahul Gandhi के रवैये पर 204 दिग्गजों ने उठाए सवाल

By अंकित सिंह | Mar 17, 2026

देश के 204 पूर्व सैन्य अधिकारी, रिटायर्ड जज और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को लेकर एक बड़ा पत्र लिखा है। नागरिकों के नाम लिखे पत्र में राहुल गांधी और उनके सहयोगियों के हालिया संसद आचरण की कड़ी निंदा की है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व डीजीपी एसपी वैद ने कहा कि 84 पूर्व नौकरशाहों, 116 पूर्व सैनिकों और पूर्व वकीलों ने जनता को लिखे इस पत्र में कहा है कि संसद में राहुल गांधी का व्यवहार विपक्ष के नेता के पद के लिए उचित नहीं है, जो कि एक अत्यंत जिम्मेदार पद है। उनका व्यवहार अहंकार और विशेषाधिकार की भावना को दर्शाता है। 

उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, क्योंकि लोग उनकी बात सुनते हैं। राष्ट्र की आकांक्षाएं संसद में होने वाली चर्चा और उससे बनने वाले कानूनों पर टिकी हैं। दूसरी ओर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने नक्सल विरोधी अभियान में घायल हुए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कोबरा बटालियन के जवान अजय मलिक से सोमवार को मुलाकात की और कहा कि उन्हें मलिक से बात करके उनके मनोबल और जज्बे को महसूस किया। 

इसे भी पढ़ें: कौन जीतेगा चुनावी महाभारत? क्या बंगाल में होगा बदलाव? क्या केरल में आखिरी किला बचा पाएंगे वामपंथी?

राहुल गांधी ने आरके पुरम इलाके में मलिक के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष ने फेसबुक पोस्ट किया, ‘ आज, आर.के. पुरम, नई दिल्ली में कोबरा बटालियन के असिस्टेंट कमांडेंट श्री अजय मलिक जी से मुलाकात की। झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान आईईडी विस्फोट में गंभीर रूप से घायल होकर उन्होंने अपना एक पैर खो दिया। उनसे बातें कर उनका अदम्य साहस, अटूट मनोबल और अद्भुत जज़्बा महसूस किया।’’ राहुल गांधी ने कहा, ‘‘देश के प्रति उनकी सेवा और समर्पण को मेरा सलाम है। आशा करता हूं वो शीघ्र स्वस्थ हो जाएं।

प्रमुख खबरें

Dumka में रसोइये की मौत पर BJP MLA देवेंद्र कुंवर समेत नौ पर FIR दर्ज

BJP ने Sukanta Majumdar को कोलकाता निगम चुनाव का प्रभारी बनाया, हावड़ा में Rahul Sinha को कमान

Hathras Case: Allahabad High Court ने पीड़िता के परिवार को 3 माह में पुनर्वास देने का आदेश दिया

MNS की Mumbai में दो टूक, मराठी न बोलने वाले ऑटो चालक छोड़ें महाराष्ट्र