By अनन्या मिश्रा | Oct 08, 2026
उम्र बढ़ने के साथ ही कई तरह की समस्याएं होने लगती हैं। लेकिन अगर उम्र बढ़ने के साथ ही जोड़ों में दर्द और चलने आदि में परेशानी महसूस हो, तो फौरन डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए। क्योंकि यह आर्थराइटिस यानी गठिया के शुरूआती लक्षण हो सकते हैं। आर्थराइटिस जोड़ों को प्रभावित करने वाली बीमारी है। वेट ज्यादा होने, उम्र बढ़ने के साथ या जोड़ों की पुरानी चोट की वजह से यह समस्या हो सकती है।
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हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो फिजिकल एक्टिविटी से आर्थराइटिस के जोखिम को करने के साथ-साथ पहले से मौजूद आर्थराइटिस के लक्षणों को कंट्रोल किया जा सकता है।
साइकिलिंग, तेज गति से चलना, तैराकी और हल्के व्यायाम करने से जोड़ों पर कम दबाव पड़ता है।
वयस्कों को सप्ताह में कम से कम 150 मिटन की मध्यम तीव्रता वाली एक्टिविटी और कम से कम दो दिन मांसपेशियों को मजबूत करने वाली एक्टिविटी करने की सलाह दी जाती है।
संतुलित भोजन और नियमित रूप से फिजिकल एक्टिविटी के जरिए वेट को बढ़ने से रोका जा सकता है।
जिन लोगों का वेट ज्यादा है, उनके लिए 5-10% वेट कम करना भी आर्थराइटिस से जुड़े दर्द और चलने-फिरने की समस्या को कम करने में सहायता कर सकता है।
अगर घुटने या फिर किसी दूसरे जोड़ में चोट लगी है, तो यह भविष्य में ऑस्टियोआर्थराइटिस का खतरा बढ़ा सकती है। आमतौर पर गिरने, खेलने के दौरान या काम के दौरान बार-बार एक ही जोड़ पर दबाव पड़ने से खतरा बढ़ सकता है। इसलिए व्यायाम करते समय सही तकनीक अपनाना, चोट लगने पर पर्याप्त आराम व जरूरत पड़ने पर डॉक्टरी मदद और शरीर को धीरे-धीरे गतिविधि के लिए तैयार करना आदि जरूरी है। वहीं बार-बार होने वाले जोड़ के दर्द को नजरअंदाज करने की गलती नहीं करना चाहिए।