By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Oct 05, 2026
ईटानगर, पांच अक्टूबर अरुणाचल प्रदेश के दो प्रमुख पत्रकार संगठनों ने सोमवार को दावा किया कि राज्य के कई पत्रकारों ने शिकायत की है कि अपर सियांग जलविद्युत परियोजना संबंधी उनकी वीडियो सामग्री और सोशल मीडिया पोस्ट या तो भारत में दिखाई नहीं दे रही हैं या उनके खातों पर ही पाबंदी लगा दी गई है। अरुणाचल प्रेस क्लब (एपीसी) और ‘अरुणाचल प्रदेश यूनियन ऑफ वर्किंग जर्नलिस्ट्स’ (एपीयूडब्ल्यूजे) ने इस पर ‘‘गंभीर चिंता’’ जताते हुए संयुक्त बयान जारी किया और मांग रखी कि किसी परियोजना की रिपोर्टिंग के कारण रोकी गई वैध पत्रकारिता सामग्री को तत्काल बहाल किया जाए। दोनों संगठनों ने अधिकारियों से ‘‘पत्रकारों या समाचार संगठनों पर लगाई गई हर पाबंदी का स्पष्टीकरण’’ देने की मांग की।
सियांग क्षेत्र में इस जलविद्युत परियोजना का विरोध कर रहे लोग सियांग नदी पर प्रस्तावित परियोजना की पूर्व-व्यवहार्यता रिपोर्ट (पीएफआर) से जुड़ी गतिविधियों और सर्वेक्षण कार्य को तत्काल रोकने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने प्रस्तावित परियोजना से प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में तैनात सुरक्षा बलों को भी हटाने की मांग की है। दूसरी ओर, सरकार का कहना है कि 11,000 मेगावाट की ‘सियांग अपर बहुउद्देशीय परियोजना’ से आर्थिक और सामाजिक विकास को गति मिलेगी, युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर पैदा होंगे तथा राज्य और देश की जल एवं ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।