By अभिनय आकाश | Oct 14, 2026
नॉर्वे भारत के डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) में मिली सफलता से सीखना चाहता है। भारत में डिजिटल कनेक्टिविटी और सेवाओं तक पहुंच का दायरा दुनिया के लिए एक मिसाल है। यह बात भारत में नॉर्वे के डिप्टी एंबेसडर अरविन गैडगिल ने कही। बुधवार को दिल्ली में रॉयल नॉर्वेजियन एंबेसी की ओर से आयोजित आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इवेंट के दौरान एएनआई से बात करते हुए गैडगिल ने लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ने में भारत की उपलब्धियों का ज़िक्र किया और कहा कि नॉर्वे ने डिजिटल क्षेत्र में भारत के साथ सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग किया है। गैडगिल ने कहा कि डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर जिस तरह से लोगों को डिजिटल सेवाओं से जोड़ा गया है। वह दुनिया में बेमिसाल है। भारत जितना बड़ा दायरा और कहीं नहीं है। और यही वह चीज़ है जिससे हम सीखना चाहते हैं और असल में हमने इस पर भारत के साथ सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग भी किया है। उन्होंने दोनों देशों के बीच मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) पर साइन होने को खुशी का पल बताया और कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओस्लो यात्रा के बाद दोनों देशों के आपसी संबंध और मज़बूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि यह हमारे लिए खुशी का पल था और प्रधानमंत्री की ओस्लो यात्रा के परिणामस्वरूप नॉर्वे और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंध और मजबूत हुए हैं। हम मूल रूप से भारत की सफलता को समझने के तरीके खोजना चाहते हैं।
मई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नॉर्वे यात्रा के दौरान, दोनों देशों ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को 'ग्रीन स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' के स्तर तक बढ़ाया और भविष्य में सहयोग के लिए एक संयुक्त कार्य योजना तैयार करने पर सहमति व्यक्त की।