By अभिनय आकाश | Oct 06, 2026
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख और हैदराबाद के सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने आरोप लगाया है कि हैदराबाद संसदीय क्षेत्र के गोशामहल विधानसभा इलाके में फ़र्ज़ी तरीके से और बड़ी संख्या में 'फॉर्म 7' जमा करके मुस्लिम वोटरों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने की "जानबूझकर रची गई साज़िश" की जा रही है। ANI से बात करते हुए, हैदराबाद के सांसद ने राज्य चुनाव प्राधिकरण के हालिया आदेश का ज़िक्र किया, जिसमें फ़र्ज़ी कागज़ात का इस्तेमाल करके असली वोटरों के नाम हटाने की कोशिशों की ओर इशारा किया गया था। ओवैसी ने कहा, "तेलंगाना के मुख्य चुनाव अधिकारी ने 5 अक्टूबर को एक मेमो जारी किया था, जिसमें GHMC कमिश्नर और सभी ज़िला कलेक्टरों व चुनाव अधिकारियों का ध्यान EROs के पास 'फॉर्म 7' में बड़ी संख्या में आवेदन जमा किए जाने की घटनाओं की ओर दिलाया गया था। मेमो में कहा गया था कि ये आवेदन असली नहीं हैं और अधिकारियों को निर्देश दिया गया था कि वे झूठे बयान देने वालों के ख़िलाफ़ 'जन प्रतिनिधित्व अधिनियम' (Representation of the People Act) की धारा 31 के तहत कार्रवाई करें और साथ ही 'मतदाता पंजीकरण नियम' (Registration of Electors Rules) के नियम 20 के तहत जाँच भी करें।
फॉर्म 7 के ज़रिए जिन लोगों को निशाना बनाया गया है, उनमें मिर्ज़ा फ़ारूक़ बेग भी शामिल हैं। वे 85 साल के सम्मानित नागरिक हैं, जिनका जन्म यहीं हुआ था और वे 15 सदस्यों वाले परिवार के साथ रहते हैं। पूरा मोहल्ला उन्हें जानता है। दशकों से वोटर लिस्ट में उनका नाम रहा है, जिसमें 2002 और हालिया ड्राफ़्ट लिस्ट भी शामिल है। फिर भी, उनके वोटिंग अधिकार रद्द करने के लिए एक फ़र्ज़ी फ़ॉर्म 7 जमा किया गया," उन्होंने कहा। ओवैसी ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) से अपील की कि वे इन फ़र्ज़ी दावों के पीछे के लोगों के ख़िलाफ़ तुरंत सख़्त कार्रवाई करे और फ़ॉर्म को समय रहते रोकने के लिए स्थानीय बूथ अधिकारियों की तारीफ़ की।