By अभिनय आकाश | Oct 14, 2026
एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने बुधवार को कहा कि उनकी पार्टी ने वोटर लिस्ट के 'स्पेशल इंटेंसिव रिविजन' (SIR) को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका और एक रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर की है। इसमें इस प्रक्रिया और कानूनी फॉर्म में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए गए हैं। पत्रकारों से बात करते हुए ओवैसी ने कहा कि ये याचिकाएं उनके वकील, एडवोकेट निज़ाम पाशा के ज़रिए दायर की गईं और इनमें अलग-अलग राज्यों के उदाहरण भी शामिल हैं। ओवैसी ने कहा हमने अपने वकील, एडवोकेट निज़ाम पाशा के ज़रिए सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका और एक रिव्यू पिटीशन दायर की है। सुप्रीम कोर्ट जाने के पीछे हमारा मकसद यह है कि कानूनी तौर पर चुनाव आयोग को मिलकर काम करना होता है। यह साफ़ नहीं है कि लिए गए फ़ैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे या किसी ने असहमति जताई थी। उन्होंने कहा कि पार्टी ने SIR पर सुप्रीम कोर्ट के फ़ैसले के संबंध में एक समीक्षा याचिका भी दायर की है, और कहा कि इस प्रक्रिया के कुछ पहलुओं पर स्पष्टीकरण की ज़रूरत है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस बयान पर कि 2029 के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस का प्रदर्शन और खराब होगा और बीजेपी सत्ता में लौटेगी, ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी बीजेपी को सरकार बनाने से रोकने के लिए काम करेगी। उन्होंने कहा, "हम यह पक्का करने की पूरी कोशिश करेंगे कि 2029 में उनकी सरकार सत्ता में न आए। हमारी कोशिश हमेशा बीजेपी को हराने की रही है।" ओवैसी ने SIR के खिलाफ AIMIM के काम का बचाव करते हुए कहा कि पार्टी पिछले तीन से साढ़े तीन महीनों से तेलंगाना में इस प्रक्रिया को लेकर चिंताएं उठा रही है।