By रेनू तिवारी | Aug 17, 2026
बिहार के लखीसराय ज़िले स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में पवित्र श्रावण मास के सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुबह-सुबह पूजा-अर्चना के लिए उमड़ी भीड़ के बीच भगदड़ मचने से सात श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि एक दर्जन से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
यह हादसा सुबह लगभग 6:45 बजे हुआ। श्रावण मास के पावन अवसर पर तड़के से ही शिव मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ एकत्र थी। प्रत्यक्षदर्शियों और शुरुआती जानकारियों के अनुसार, मंदिर परिसर में अचानक बिजली का एक तार टूटकर गिर गया। तार गिरते ही भीड़ में करंट फैलने की आशंका और घबराहट की वजह से चीख-पुकार मच गई, जिसने देखते ही देखते एक भीषण भगदड़ का रूप ले लिया।
राहत-बचाव कार्य जारी, घायलों का इलाज अस्पताल में
घटना की सूचना मिलते ही वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तुरंत स्थिति का जायज़ा लेने मौके पर पहुँचे।
रेस्क्यू आपरेशन: मंदिर परिसर में फँसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए तुरंत बचाव कार्य शुरू किया गया।
अस्पताल में भर्ती: सभी घायलों को त्वरित इलाज के लिए लखीसराय के नजदीकी ज़िला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ कई लोगों की हालत चिंताजनक बनी हुई है।
लखीसराय के ज़िला मजिस्ट्रेट (DM) शैलेंद्र कुमार ने पत्रकारों को बताया, "भीड़ बहुत ज़्यादा बढ़ गई थी। सुबह करीब 6.30 से 6.45 बजे के बीच दो ट्रेनें आईं, जिससे भीड़ और बढ़ गई। हमने भीड़ का अंदाज़ा लगाते हुए इंतज़ाम किए थे। फिर हमें पता चला कि भीड़ की वजह से एक तरफ़ की बैरिकेडिंग टूट गई और लोग एक-दूसरे पर गिर पड़े। हमने तुरंत 10-15 लोगों को यहाँ भेजा।"
प्रशासन की प्रतिक्रिया और जाँच
स्थानीय प्रशासन और वरिष्ठ अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रण में ले लिया है। पुलिस प्रशासन के अनुसार, घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जाँच की जा रही है। ज़िला प्रशासन की ओर से जाँच के बाद ही स्थिति और हताहतों की आधिकारिक पुष्टि के साथ विस्तृत ब्योरा जारी किया जाएगा।