West Asia में तनाव से Asian Stock Market क्रैश, Investors में दहशत, 2022 के बाद सबसे बड़ी गिरावट

By Ankit Jaiswal | Mar 31, 2026

वैश्विक बाजारों में जारी अनिश्चितता का असर अब एशियाई शेयर बाजारों पर साफ दिखने लगा है। मंगलवार को एशिया के प्रमुख बाजारों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जो पिछले कई वर्षों में सबसे तेज मानी जा रही है। मौजूद जानकारी के अनुसार पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष को एक महीना पूरा होने के साथ ही निवेशकों के बीच चिंता बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआत में बाजार सिर्फ खबरों के आधार पर प्रतिक्रिया दे रहा था, लेकिन अब निवेशकों के बीच डर का माहौल बन गया है और वे जोखिम से दूरी बना रहे हैं। मौजूद जानकारी के अनुसार अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और लगातार हो रहे हमलों ने बाजारों को अस्थिर बना दिया है।

हालांकि कुछ समय के लिए माहौल में थोड़ा सुधार तब देखने को मिला जब संकेत मिले कि अमेरिका सैन्य अभियान को सीमित करने पर विचार कर सकता है। इसके बाद अमेरिकी वायदा बाजारों में हल्की मजबूती दर्ज की गई।

इसके बावजूद कच्चे तेल की कीमतें ऊंचे स्तर पर बनी हुई हैं, जो निवेशकों की चिंता का मुख्य कारण बनी हुई हैं। बता दें कि तेल की कीमतों में तेज उछाल ने महंगाई के खतरे को और बढ़ा दिया है, खासकर उन देशों के लिए जो ऊर्जा आयात पर निर्भर हैं।

गौरतलब है कि बढ़ती महंगाई के साथ-साथ अब आर्थिक वृद्धि की रफ्तार धीमी पड़ने की आशंका भी सामने आने लगी है। इसी वजह से बांड बाजारों पर भी दबाव देखने को मिल रहा है, क्योंकि ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदें कमजोर हो गई हैं।

मौजूद जानकारी के अनुसार अनिश्चित माहौल में निवेशक सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख कर रहे हैं। अमेरिकी मुद्रा में मजबूती आई है, जबकि सोने की कीमतों में भी बढ़त दर्ज की गई है। यह संकेत देता है कि बाजार अभी भी जोखिम से बचने की रणनीति पर चल रहा है।

प्रमुख खबरें

Team India में अब चलेगी Gautam Gambhir की? Suryakumar Yadav की Captaincy पर लेंगे आखिरी फैसला!

TVK कैबिनेट में शामिल होने पर Thirumavalavan की सफाई, बोले- VCK कार्यकर्ताओं ने मुझे मजबूर किया

पाक आर्मी चीफ Asim Munir की तेहरान यात्रा सफल? USA को उम्मीद, Iran आज मान लेगा डील

Rajnath Singh का Shirdi से ऐलान: कोई ताकत नहीं रोक सकती, India बनेगा Top Arms Exporter