By रेनू तिवारी | Mar 24, 2026
असम विधानसभा चुनावों की सरगर्मी के बीच विपक्षी गठबंधन को एक बड़ा झटका लगा है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने आगामी चुनावों में 21 सीटों पर स्वतंत्र रूप से चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी है। इस फैसले ने कांग्रेस की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिसे डर है कि इस कदम से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) विरोधी आदिवासी वोटों का विभाजन हो सकता है। झामुमो ने इससे पहले दिन में नौ अप्रैल को होने वाले 126 सदस्यीय असम विधानसभा चुनावों के लिए 21 उम्मीदवारों के नामों की घोषणा की। कांग्रेस नेता राकेश रंजन ने कहा कि पार्टी को उम्मीद थी कि झामुमो विपक्षी गठबंधन के हिस्से के रूप में चुनाव लड़ेगी।
उन्होंने कहा, हम असम चुनाव एक साथ लड़ना चाहते थे। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ झारखंड गए थे और हमें झामुमो के साथ गठबंधन की उम्मीद थी। हालांकि पार्टी ने अकेले 21 उम्मीदवार उतारने का फैसला किया, जिससे आदिवासी वोट में बंटवारा हो सकता है। रंजन ने कहा कि दोनों दल असम में भाजपा को हराने के व्यापक उद्देश्य को साझा करती हैं। झारखंड कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि उनकी पार्टी ने झामुमो के साथ समझौता करने के लिए गंभीर और सकारात्मक प्रयास किए हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने झामुमो को पांच से सात सीट देने का प्रस्ताव रखा है, साथ ही उन निर्वाचन क्षेत्रों में संगठनात्मक समर्थन देने का भी प्रस्ताव रखा है जहां उसके उम्मीदवार चुनाव लड़ेंगे। कमलेश ने कहा, हमारा इरादा एकजुट प्रयास के माध्यम से असम विधानसभा में झामुमो का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करना था।