Assam Elections से पहले BJP में बगावत, टिकट बंटवारे पर Himanta Sarma के खिलाफ दिग्गजों ने खोला मोर्चा

By एकता | Mar 22, 2026

असम में 9 अप्रैल को होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले भारतीय जनता पार्टी के भीतर टिकट बंटवारे को लेकर भारी असंतोष पैदा हो गया है। कई मौजूदा विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने टिकट न मिलने पर पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और निर्दलीय चुनाव लड़ने की धमकी दी है।

'कांग्रेस-भाजपा' बनाने के आरोप

सबसे तीखा विरोध दिसपुर निर्वाचन क्षेत्र में देखने को मिल रहा है। वरिष्ठ नेता जयंत दास, जो इस सीट से प्रबल दावेदार थे, ने मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के खिलाफ सीधा विद्रोह कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस से आए करीबियों को तरजीह देकर भाजपा को 'कांग्रेस-भाजपा' बना दिया गया है।

जयंत दास ने पार्टी छोड़ दी है और वे निर्दलीय प्रत्याशी के तौर पर मैदान में उतर सकते हैं। इसी तरह बिहपुरिया सीट पर मौजूदा विधायक अमिया कुमार भुइंया की जगह कांग्रेस से आए भूपेन बोरा को टिकट देने से भी स्थानीय कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश है।

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दिग्गजों की अनदेखी से असमंजस की स्थिति

पार्टी ने कई बड़े चेहरों के टिकट काट दिए हैं, जिनमें वरिष्ठ नेता अतुल बोरा और पूर्व मंत्री सिद्धार्थ भट्टाचार्य शामिल हैं। अतुल बोरा 1985 से राजनीति में सक्रिय हैं और दो बार भाजपा विधायक रह चुके हैं, जबकि भट्टाचार्य ने ही 2015 में हिमंत बिस्वा सरमा को भाजपा में लाने में बड़ी भूमिका निभाई थी।

इनके अलावा, जोरहाट के पूर्व सांसद तपन कुमार गोगोई भी सोनारी सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने की योजना बना रहे हैं। गुवाहाटी मध्य सीट पर पहली बार किसी हिंदी भाषी (विजय गुप्ता) को उम्मीदवार बनाए जाने से भी स्थानीय मतदाताओं के एक वर्ग में नाराजगी देखी जा रही है।

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