By अभिनय आकाश | Jul 10, 2026
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को कहा कि 2026-27 का राज्य बजट बीजेपी सरकार के "संकल्प पत्र" को दिखाता है। इसमें कैपिटल खर्च में भारी बढ़ोतरी, इंफ्रास्ट्रक्चर, हेल्थकेयर और बिजली के क्षेत्र में बड़े निवेश के साथ-साथ कल्याण, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी दी गई है। असम विधानसभा के बजट सत्र (जो 6 जुलाई को शुरू हुआ था) के दौरान राज्य के वित्त मंत्री जयंत मल्लाबरुआ द्वारा 2026-27 का बजट पेश किए जाने के बाद मीडिया से बात करते हुए सरमा ने कहा कि पिछले दस सालों में राज्य का कैपिटल खर्च लगभग दस गुना बढ़ गया है।
हम दो लाख नौकरियां देंगे। मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स बनाई गई है। अगस्त से सभी जनकल्याण योजनाएं फिर से शुरू हो जाएंगी। हम प्रमुख कल्याणकारी योजनाओं पर 6,000 करोड़ रुपये खर्च करेंगे। शर्मा ने यह भी घोषणा की कि एक से ज़्यादा शादियां करने वाले पुरुष और आपराधिक कानून के तहत दोषी ठहराए गए लोग सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं उठा पाएंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक न्याय को बढ़ावा देने की कोशिशों का हिस्सा है। बुनियादी ढांचे के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार ने 'असम माला 4.0' के तहत 10,000 करोड़ रुपये का प्रस्ताव रखा है। साथ ही, सिलचर में डोलू ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट और रूपसी एयरपोर्ट के विस्तार के लिए ज़मीन अधिग्रहण का काम शुरू हो गया है। उन्होंने बताया कि डोलू एयरपोर्ट प्रोजेक्ट के लिए 3,000 करोड़ रुपये तय किए गए हैं।
बजट में बिजली क्षेत्र में 77,353 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है और प्रस्तावित 'न्यू गुवाहाटी सैटेलाइट सिटी' के लिए 2,100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसकी कुल ज़मीन अधिग्रहण लागत 6,000 करोड़ रुपये आंकी गई है।
स्वास्थ्य सेवा से जुड़ी पहलों का ज़िक्र करते हुए शर्मा ने कहा कि असम का लक्ष्य 2030 तक 2,300 डॉक्टर तैयार करना और हर हेल्थ सब-सेंटर में एक डॉक्टर तैनात करने वाला पहला राज्य बनना है। उन्होंने दो आधुनिक इंटीग्रेटेड एकेडमिक कॉम्प्लेक्स बनाने की योजना की भी घोषणा की।