Astrological Tips to Improve Your Love Life | टाइमपास लव या सीरियस प्यार, ज्योतिष की सूर्य और चन्द्र कसौटी से जानिये

By रेनू तिवारी | Apr 20, 2024

प्रेम के साथ भावनाओं का सैलाब आता है, इस सैलाब को आगे परिमार्जित करके जीवन में एक प्रकार के तर्क के अंतर्गत परिभाषित करना होता है। आमतौर पर जब हम प्रेम करने जाते हैं या हमें किसी से प्रेम होता है तो हम तलाश कर रहे होते हैं कुछ अच्छे लम्हे, सुकून भरे लम्हे, प्रेम भरे लम्हे, कई बार प्रेम को स्थायित्व तब  मिलता है जब दो लोगों के बीच में एक शारीरिक आकर्षण पैदा हो जाता है। बाद में यही शारीरिक आकर्षण उन्हें यह प्रेरणा देता है कि वह जीवन में एक संतान को जन्म दें  या एक परिवार बनाएं। उसके बाद में उसे परिवार के साथ जीवन जीते हुए अपने सभी धर्म और कर्म दोनों को निर्धारित करते हुए मोक्ष को प्राप्त करें।

टाइमपास लव या सीरियस प्यार, ज्योतिष की सूर्य और चन्द्र कसौटी से जानिये 

प्रभासाक्षी न्यूज के एक्ट्रोलॉजी एक्पर्ट आशीष तिवारी कहते है  प्रेम की परिभाषा जितनी विशद है प्रेम का समायोजन उतना ही कठिन है। इस आधार पर ज्योतिष भी प्रेम को दो रूपों में पहचानता है पहला रूप है। पहला रूप है चंद्र कसौटी और दूसरा रूप है सूर्य कसौटी, चंद्र कसौटी के अंदर जब कोई रिश्ता आता है तो वह रिश्ता मूल रूप से उन अच्छे लम्हों के लिए होता है जो हम किसी व्यक्ति के साथ बिताते हैं। जैसे-जैसे वक्त  बीतता जाता है हमें उसे व्यक्ति की आदत होती जाती है। उसके बाद में उन्हें लम्हों को आधार मानकर हम यह निर्णय लेते हैं कि इस व्यक्ति के साथ जब जीवन की चुनौतियों के साथ जूझना होगा हम एक अच्छा वक्त बिता पाएंगे।


इस आधार पर बनती है यह चंद्र कसौटी

एक्ट्रोलॉजी एक्पर्ट आशीष तिवारी कहते है कि रिलेशनशिप में सबसे बड़ी समस्या तब आती है तब हम यह पाते हैं कि जैसे-जैसे जीवन में जिम्मेदारियां किसी व्यक्ति के कंधों पर ला दी जाती हैं चंद्र कसौटी फेल होने लगती है। केवल अच्छे समय में या एक अच्छा समय लाने के लिए जो पार्टनर बहुत अच्छा हुआ करता था वह पार्टनर अचानक हमें यूजलेस या अनुपयोगी लगने लगता है। यहीं पर एंट्री होती है एक दूसरी कसौटी की जिसे हम कहते हैं| सूर्य कसौटी सूर्य कसौटी के बारे में यह कहा जा सकता है कि यह संपूर्ण कसौटी है जैसे सूर्य का प्रकाश आने के बाद में बाकी सारे ग्रहों के सकारात्मक और नकारात्मक प्रकाश अपने आप ही छुप जाते हैं। उसी प्रकार सूर्य कसौटी के अंदर जब किसी रिश्ते को कसा जाता है तो हम पाते हैं कि वह रिश्ता जीवन के सारे अच्छे बुरे मौसम झेलने की ताकत रखता है।

आमतौर पर समस्या यह होती है कि कम उम्र के लोग या वर्क प्लेस में एक साथ काम कर रहे लोग एक दूसरे के फोंड-ऑफ़  तो हो जाते हैं लेकिन उन्हें यह अंदाजा नहीं होता कि जब यही रिश्ता लोंग रन में जाएगा या नहीं।जीवन के उतार-चढ़ाव के बीच में इसी व्यक्ति के साथ उन्हें जीना होगा तो क्या वह एक सही चॉइस बना रहे हैं या नहीं।

सूर्य कसौटी बहुत आवश्यक हो जाती है क्योंकि जीवन काफी लंबा है 

आमतौर पर चंद्र कसौटी में किसी रिश्ते को हम तीन या चार साल तक कर सकते हैं यह वह समय होता है जिस समय शुक्र का प्रभाव हमारे ऊपर होता है और इसी प्रभाव के अंतर्गत हम चाहते हैं एक ऐसा व्यक्ति जिसके साथ हम अपनी शारीरिक आवश्यकताएं भी पूर्ण कर सकें और साथ ही एक सामाजिक जीवन का भी विकास कर सके या उसे जी सकें| मगर सूर्य कसौटी का प्रभाव पूरे जीवन पर होता है।

लेखक- एक्ट्रोलॉजर आशीष तिवारी

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