By अंकित सिंह | Jul 25, 2026
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने फिर से कहा कि तेहरान अमेरिकी दबाव या धमकी के आगे नहीं झुकेगा और देश किसी भी तरह के ज़बरदस्ती या बल-प्रयोग को स्वीकार नहीं करेगा। 'प्रेस टीवी' की एक रिपोर्ट के अनुसार, किर्गिस्तान के चोलपोन-अता में शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के विदेश मंत्रियों की परिषद की बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अरागची ने राजनयिक माध्यमों से जुड़ी चर्चाओं पर बात की।
उन्होंने कहा कि अलग-अलग प्रस्तावों पर पाकिस्तान के साथ बातचीत करना एक स्वाभाविक कदम है, क्योंकि पाकिस्तान इसमें मध्यस्थ की भूमिका निभाता है। तेहरान का मुख्य रुख बताते हुए अरागची ने कहा कि ईरानी लोगों की सुरक्षा और होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के हितों की रक्षा करना हमारे सिद्धांतों में शामिल है। उन्होंने कहा कि जब तक ईरानी लोगों के जायज़ मकसद और मांगें पूरी नहीं हो जातीं, हम स्वाभाविक रूप से अपने रास्ते पर आगे बढ़ते रहेंगे।" उन्होंने आगे कहा, "हम धमकियों से डरते नहीं हैं, न ही दबाव में झुकेंगे, और हम धमकी भरी भाषा बर्दाश्त नहीं करते।
अरागची ने कहा कि ईरान की सेनाएं मोर्चे पर और उसके राजनयिक अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश की सेवा में एक-दूसरे के पूरक की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने SCO (जिसे उन्होंने एक प्रगतिशील संगठन बताया) के सदस्य देशों से आग्रह किया कि वे वाशिंगटन और उन पश्चिमी संस्थाओं के एकतरफा एजेंडे का मुकाबला करें जो अंतरराष्ट्रीय संबंधों पर हावी होना चाहती हैं।