By अभिनय आकाश | Mar 02, 2026
जब आग पड़ोस में लगती है तो उसकी गर्मी दूर तक महसूस होती है। मदपुर में बढ़ते तनाव के बीच अब एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने यूरोप की चिंता बढ़ा दी है। ख़बर है कि संयुक्त अरब अमीरात के अबू धाबी में स्थित फ्रांस के नेवी बेस पर ड्रोन हमला हुआ है और यह ड्रोन हमला किया है ईरान ने। अब दुनिया इसे इस रूप में देख रही है कि यह ईरान की ओर से यूरोप के हितों पर पहला बड़ा हमला है। अब यह हमला जिस सैन्य ठिकाने पर हुआ वो कोई साधारण बेस नहीं है। अबू धाबी में मौजूद फ्रांस का महत्वपूर्ण सैन्य अड्डा कैम डाले पैक्स है जिसे शांति शिविर के नाम से जाना जाता है।
सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत आग पर काबू पा लिया और इलाके को सुरक्षित कर लिया। हालांकि नुकसान सीमित बताया जा रहा है, लेकिन इस हमले का राजनीतिक और रणनीतिक असर बहुत बड़ा हो सकता है। इस घटना को कई अंतरराष्ट्रीय एक्सपर्ट बेहद गंभीर मान रहे हैं। कारण साफ है यह मामला किसी मध्यपूर्व देश के बेस पर नहीं बल्कि यूरोप के एक सबसे बड़े सैन्य देश फ्रांस के बेस पर हुआ है। फ्रांस यूरोप की प्रमुख सैन्य शक्तियों में से एक है और उनकी सेना कई अंतरराष्ट्रीय मिशनों में सक्रिय रहती है। ऐसे में अगर खाड़ी क्षेत्र में फ्रांस के बेस को निशाना बनाया जाता है तो इसे यूरोपियन सुरक्षा के नजरिए से भी देखा जा रहा है। इस पूरे घटनाक्रम को लेकर चर्चा ये भी हो रही कि मध्य पूर्व में चल रहे तनाव का दायरा अब धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है।
इस बीच, सोशल मीडिया पर एक सनसनीखेज वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें कथित तौर पर एक ईरानी मिसाइल 10 से अधिक इंटरसेप्टर रॉकेटों को चकमा देती हुई दिखाई दे रही है। फुटेज में, मिसाइल रात के आकाश में उड़ती हुई दिखाई दे रही है जबकि कई रक्षा रॉकेट इसे रोकने की कोशिश कर रहे हैं। बार-बार प्रयास करने के बावजूद, मिसाइल दिशा बदलकर अपने लक्ष्य की ओर बढ़ती हुई प्रतीत होती है। वीडियो रिकॉर्ड करने वाले लोग सदमे में चिल्लाते हुए सुनाई दे रहे हैं। वीडियो का सटीक स्थान और समय अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। कुछ उपयोगकर्ताओं का दावा है कि इसे यरुशलम में फिल्माया गया था, लेकिन इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।