By अभिनय आकाश | Apr 26, 2026
अमेरिकी राष्ट्रपति के निवास ‘व्हाइट हाउस’ में शनिवार रात को संवाददाताओं के रात्रिभोज के दौरान हुई गोलीबारी की घटना के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि संदिग्ध के पास कई घातक हथियार थे। अधिकारियों ने बताया कि हमलावर की पहचान कैलिफोर्निया के टोरेंस निवासी 31 वर्षीय कोल टॉमस एलन के रूप में हुई है, जिसे सीक्रेट सर्विस ने पकड़ लिया है। जिस तरीके से डोनाल्ड ट्रंप को एक डिनर पार्टी के दौरान निशाना बनाया गया। सीक्रेट सर्विस के एजेंट्स वगैरह भी मौजूद थे और वहां पर उनके सुरक्षा कर्मियों ने अह पूरी स्थिति को संभाल लिया है। लेकिन और उसको बाहर से बाहर निकाला है। अब जो है इसमें किसी पकड़े भी गए हैं जो लोग थे और उसप एक हमला उसके ऊपर अटैक भी हुआ है। अब इसके बारे में जानकारी जुटाई जाएगी जब इन्वेस्टिगेशन की जाएगी कि आखिर ये कहां था? कौन है? किस रास्ते से ये वहां पर आया था। तमाम जो एरिया की जो सीसीटीवी होटल की सीसीटीवी है उसको एनालाइज किया जाएगा। जो होटल का सीसीटीवी फुटेज है वो खंगाला जाएगा। इतना बड़ा सिक्योरिटी लैब्स कैसे हो गया? इन तमाम विषयों पर जांच होगी। हमलावर एक था या उससे ज्यादा थे इसको लेकर कुछ डिटेल्स मिल पा रही है।
दरअसल मीडिया के साथ ये डिनर का आयोजन था। भारी संख्या में जर्नलिस्ट यहां पर आए हुए थे और तुरंत यहां पर एक हमलावर अचानक से आता है। मेजर सिक्योरिटी लैब्स तो है ही लेकिन ये हमलावर अंदर आता है होटल हिल्टन में जो कि हाई सिक्योरिटी ज़ोन में तब्दील था। प्रेसिडेंट वहां पर थे। उपराष्ट्रपति जेडी वंस वहां पर थे और वहां पर कई राउंड फायरिंग होती है और इस फायरिंग के दौरान तुरंत प्रभाव के साथ डायस से हटाया गया। भारी सुरक्षा के बीचोंबीच राष्ट्रपति ट्रंप को उपराष्ट्रपति जेडी वेंस को हटाया गया। पांच से आठ राउंड फायरिंग हुई है होटल हिल्टन के इस हॉल में। हालांकि ये कोई पहली दफे नहीं हुई। इससे पहले भी जब वो कंपेन के दौरान भी उनके एक बार हो चुकी थी। उनके कान में चोट लगी थी। अब बात दरअसल ये है कि प्रेसिडेंट ट्रंप जो है बहुत रेडिकल चेंजेस अमेरिकन पॉलिसी में ला रहे हैं। उसकी वजह से एक टेंशन क्रिएट हो गया है और उनके उनके विरुद्ध बहुत से ग्रुप और लोग इस तरह के हो गए हैं।
फिर दूसरी बात ये भी है कि जो उनके मागा (मेर अमेरिका ग्रेट अगेन) मूवमेंट है जिसकी मदद से वो आए सत्ता के अंदर वो भी उनसे खुश नहीं है। ये बहुत फॉर राइट ग्रुप्स हैं। ट्रंप अपने को स्वयं जीसस क्राइस्ट के रूप में प्रेजेंट किया और पोस्टर निकाला जिसमें दिखाया कि वो एक जो है उनके अवतार हैं या खुद स्वयं जीसस बन के आए हैं। लोगों की मदद कर रहे हैं। अब अभी तो पता नहीं ज्यादा डिटेल रिपोर्ट्स है नहीं। कौन लोग हैं इनके पीछे क्या है? अच्छी बात ये है कि उसमें से कुछ अरेस्ट हो गए हैं तो जल्दी ही पूरी डिटेल का पता चल जाएगा और उसमें फिर दूसरी बात ये कि यूरोप भी इनसे खुश नहीं है।