बिहार में निबंधित किरायानामा के प्रति बढ़ रही जागरूकता

By प्रेस विज्ञप्ति | Aug 30, 2025

बिहार में किरायानामा निबंधन को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ रही है। मकान मालिक और किरायेदार के बीच कानूनी समझौते के लिए यह जरूरी है। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के अनुसार, वर्ष 2018 से 2025 तक 4 हजार 811 लोगों ने किरायानामा निबंधित कराया है। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़े को देखें, तो सबसे ज्यादा वर्ष 2023 में 842 लोगों ने निबंधन कराया है। 

किरायानामा के फायदे

निबंधन अधिनियम के प्रावधानों के तहत किराए पर दी जाने वाली संपत्ति का निबंधन अनिवार्य है। यह मकान मालिक और किरायेदार दोनों के हितों की रक्षा करता है। किरायानामा में दर्ज शर्तों का किरायेदार उल्लंघन नहीं कर सकता है। यदि ऐसा होता है तो किरायानामा को मकान मालिक, किरायेदार या दोनों की सहमति से रद्द किया जा सकता है। 

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स्टाम्प शुल्क में भारी छूट

निबंधित किरायानामा एक प्रमाणित दस्तावेज के रूप में मान्य होता है। इसके लिए सरकार किराए के मूल्य का मात्र 0.5 प्रतिशत स्टाम्प शुल्क लेती है। यह सुविधा सभी जिलों के निबंधन कार्यालयों में और ऑनलाइन भी उपलब्ध है। निबंधन के लिए मकान मालिक और किरायेदार दोनों के आधार कार्ड या वोटर आईडी और फोटो अनिवार्य हैं।

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