By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Oct 27, 2019
नयी दिल्ली। अयोध्या मामले पर उच्चतम न्यायालय का फैसला आने के कुछ ही दिन पहले प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रविवार को अपने मासिक कार्यक्रम ‘मन की बात’ में बात को याद किया कि 2010 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय का फैसला आने से पहले जब समाज में दरार पैदा करने के प्रयास किए गये तो कैसे राजनीतिक दलों और समाज के अन्य लोगों ने एकजुटता को बनाये रखने के लिए परिपक्व भूमिका निभायी।
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उन्होंने कहा कि उस दौरान कुछ बलबोड़े लोगों का एकमात्र उद्देश्य सुर्खियों में आना था। उन्होंने कहा कि ......राम मंदिर को लेकर 2010 में आए इलाहाबाद उच्च न्यायालय के फैसले से पहले कई तरह के बयान दिए गए और माहौल बनाया गया। कई बड़बोलों ने तरह-तरह के बयान दिए थे। देश के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश की गई थीं। लेकिन जब फैसला आया तो सबने इसे स्वीकार किया। संतों ने बहुत संभलकर बयान दिए और माहौल में कोई समस्या नहीं हुई।