By अंकित सिंह | Nov 07, 2026
उत्तर प्रदेश के अयोध्या में 'दीपोत्सव' के 10वें संस्करण की तैयारी चल रही है। 7 नवंबर को दिवाली की पूर्व संध्या पर होने वाले इस आयोजन में 2,100 स्वदेशी ड्रोन आसमान में रामायण से जुड़ी आकृतियां बनाकर उसे रोशन करेंगे। कार्यक्रम के दौरान तकनीकी सिस्टम सुचारू रूप से काम करें, इसके लिए लगातार रिहर्सल की जा रही है। ड्रोन प्रबंधन टीम के सदस्य ईश्वर ने बताया हम 2,100 ड्रोन आसमान में उड़ाएंगे। कल के कार्यक्रम में लेज़र शो होगा, जिसके बाद हमारा ड्रोन शो पेश किया जाएगा। इस बार हमने भगवान राम के जीवन से प्रेरित 12 अलग-अलग आकृतियां तैयार की हैं। यह पहली बार है जब हम अयोध्या में इतनी बड़ी संख्या में ड्रोन का इस्तेमाल कर रहे हैं, जो कि हमारा मुख्य फोकस है। इसके अलावा, हमारी एनीमेशन टीम ने भगवान राम की एक नई और अनोखी आकृति भी तैयार की है।
सरयू नदी के किनारे 56 घाटों पर 30 लाख से अधिक मिट्टी के दीये जलाने की तैयारियां पूरी होने वाली हैं। शुक्रवार को सरयू घाट पर होने वाली भव्य आरती के लिए अंतिम रिहर्सल की गई। अयोध्या के मेयर गिरीश पति त्रिपाठी ने पुष्टि की कि सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। उन्होंने कहा कि हमारी टीम ने सरयू आरती के लिए अंतिम रिहर्सल पूरी कर ली है। दीये जलाने की तैयारियां भी पूरी हो चुकी हैं और सजावट का काम भी लगभग पूरा हो गया है।
इस कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगी; साथ ही, उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी मौजूद रहेंगे। दीपोत्सव, 14 वर्षों के वनवास के बाद भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण की अयोध्या वापसी का प्रतीक है, जो रावण पर भगवान राम की विजय को दर्शाता है।