अयोध्या विवाद: सुप्रीम कोर्ट में बहस जारी, CJI बोले- अब बहुत हो गया

By अंकित सिंह | Oct 16, 2019

देश के सबसे पुराने विवादों में से एक अयोध्या के राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद कि आज आखरी दलील शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि आज इस मामले में आज आखिरी दिन की सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले में रोजाना सुनवाई का बुधवार को शाम पांच बजे समापन हो जाएगा। अयोध्या मामले में सुनवाई के 40वें दिन प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि अब बहुत हो गया, इस मामले में सुनवाई आज ही पूरी होगी।

इसे भी पढ़ें: अयोध्या विवाद: मुस्लिम पक्षों ने कोर्ट से कहा, भारत को समरूपता वाला देश नहीं माना जा सकता

आज की सुनवाई में हिंदू और मुस्लिम पक्षकार अपनी अपनी तरफ से अपनी बात रखेंगे। आज की सुनवाई के बाद अयोध्या मामले का फैसला भी जल्द आ सकता है। कहा जा रहा है कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया के रिटायर होने से पहले यह फैसला आ जाएगा।

आज होने वाले सुनवाई में हिंदू पक्षकार अपनी दलीलें पहले रखेंगे। इसके बाद मुस्लिम पक्ष के वकील अपना जवाब देंगे। हिंदू पक्ष के सभी पक्षकारों को 45 मिनट का समय मिला है जबकि मुस्लिम पक्ष के राजीव धवन को 1 घंटे का समय मिलेगा। आपको बता दें कि पिछले 40 दिनों से रोजाना सुनवाई हो रही है। इस मामले में कुछ दिन पहले ही चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने कहा था कि इस मामले को जल्द से जल्द निपटाया जाना चाहिए और उन्होंने एक डेटलाइन भी तय की थी। जिसके मुताबिक 17 अक्टूबर तक सुनवाई पूरी की जानी थी। 

इसे भी पढ़ें: अयोध्या मामले में हिन्दू पक्षकार ने SC से कहा, बाबर की ऐतिहासिक भूल सुधारने की जरूरत है

इससे पहले उच्चतम न्यायालय में मंगलवार को राजनीतिक रूप से संवेदनशील राम जन्मभूमि- बाबरी मस्जिद भूमि विवाद मामले की सुनवाई के 39वें दिन हिंदू और मस्लिम पक्षकारों के वकीलों के बीच तीखी बहस हुई। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ पूर्व महान्यायवादी और वरिष्ठ अधिवक्ता के परासरण की दलीलें सुन रही थी। वह 1961 में सुन्नी वक्फ बोर्ड और अन्य द्वारा दायर मुकदमे का जवाब दे रहे थे, ताकि अयोध्या में विवादित स्थल पर दावा किया जा सके। परासरण ने अपनी दलील में कहा कि मुगल सम्राट बाबर ने 433 साल से अधिक समय पहले भारत पर विजय के बाद भगवान राम की जन्मभूमि पर एक मस्जिद का निर्माण कर एक “ऐतिहासिक गलती” की थी, जिसे अब ठीक करने की जरूरत है। इस पर मुस्लिम पक्षकारों का प्रतिनिधित्व करने वाले वरिष्ठ अधिवक्ता राजीव धवन उठे और हस्तक्षेप किया।

प्रमुख खबरें

CEC ज्ञानेश कुमार के दिल्ली आवास के बाहर Youth Congress का लाठियों के साथ प्रदर्शन

Odisha Flood: 13 जिलों में नदियां उफान पर, 70 हजार से अधिक लोग राहत शिविरों में भेजे गए

उदयपुर में 2 करोड़ की घूस लेते दलाल अरेस्ट, Rajasthan ACB ने SOG के एडिशनल एसपी को भी पकड़ा

BJP सांसद Sambit Patra का Congress पर हमला, संस्थाओं को बदनाम करने का लगाया आरोप