Ayurveda का खजाना जावित्री, Women's Health के लिए है चमत्कारी, जानें इसके फायदे

By दिव्यांशी भदौरिया | Mar 06, 2026

बिजी लाइफस्टाइल के चलते महिलाएं अपनी सेहत का ध्यान बिल्कुल भी नहीं रखती हैं। आयुर्वेद में कई ऐसी जड़ा-बूटियां बताई गई हैं, जो छोटी-छोटी हेल्थ प्रॉब्लम को नेचुरली ठीक करने में मदद करती है। इन्हीं में से एक है जावित्री, यह एक आयुर्वेदिक औषधि है, जो डाइजेशन सुधारने से लेकर तनाव को कम करता है और महिलाओं के हार्मोनल हेल्थ को बैलेंस रखने तक कई फायदे देती है। असल में जावित्री जायफल का बाहरी रेड-ऑरेंज कवर होता है, जिसमें कई पावरफुल एंटीऑक्सीडेंट और एसेंशियल ऑयल पाए जाते हैं। सही मात्रा में इनका सेवन किया जाए, तो यह शरीर को अंदर से मजबूत बना देता है। इस लेख में हम आपको जावित्री से बनने वाली एक आसान और असरदार ड्रिंक और इसके हेल्‍थ बेनिफिट्स के बारे में बताएंगे।

-जरूरी सामग्री (1 कप के लिए)

-जावित्री- 1 छोटा टुकड़ा

पानी- 1 कप गुनगुना

शहद- 1/2 चम्मच (पानी हल्का ठंडा होने पर मिलाएं)

इलायची पाउडर- एक चुटकी (वैकल्पिक)

बनाने का तरीका

- सबसे पहले आप पानी को हल्का गर्म करें, लेकिन इसे उबालें नहीं।

- फिर इसमें जावित्री का छोटा टुकड़ा डालकर 5-7 मिनट के लिए ढक दें, जिससे अर्क पानी में अच्छे से घुल जाए।

- इसके बाद पानी को छान लें और जब यह गुनगुना रह जाए, तब इसमें शहद मिलाएं।

- इसको आप सुबह खाली पेट या रात के खाने में करीब 1 घंटे बाद पी सकती हैं।

- यह तरीका जावित्री के वोलेटाइल ऑयल्स को सुरक्षित रखता है, जिससे इसका औषधीय असर ज्यादा मिलता है।

जावित्री का सेवन करने मिलते हैं ये फायदे

पाचन को दुरुस्त करता है

जावित्री में मिरिस्टिसन और यूजेनॉल जैसे तत्व पाए जाते हैं, यह पाचन एंजाइम को एक्टिव करते हैं। इससे गैस और ब्लोटिंग कम होती होती है, खाना जल्दी पचता है और आंतों की मूवमेंट बेहतर होती है। 

तनाव और मानसिक थकान को दूर करता है

जावित्री के एसेंशियल ऑयल गाबा रिसेप्टर्स पर प्रभाव डालते हैं। यह दिमाग को शांत रखते हैं। इससे चिंता और चिड़चिड़ापन कम हो जाता है और मानसिक थकान कम करता है।

यूट्रस हेल्थ के लिए फायदेमंद हैं

जावित्री में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेल्विक एरिया में ब्लड फ्लो बेहतर करता है। पीरियड्स के दौरान होने वाले दर्द को कम करता है, पेल्विक सूजन कम करता है और हार्मोनल संतुलन बनाए रखता है। 

एंटी माइक्रोबियल गुण

जावित्री में प्राकृतिक रूप से एंटीबैक्टीरियल और एंटीफंगल गुण पाए जाते हैं। ये गुण शरीर को हानिकारक बैक्टीरिया और फंगस से सुरक्षित रखने में सहायक होते हैं। इसके साथ ही, यह कुछ प्रकार के श्वसन तंत्र से जुड़े संक्रमणों से बचाव करने में भी मदद कर सकती है। 

सावधानियां बरतें

- इसका अधिक सेवन न करें सिर्फ सीमित मात्रा में लें। इसको आप दिन में केवल एक छोटा टुकड़ा करीब 300-400 mg ही लें। अधिक मात्रा में सेवन करने से दिल की धड़कन तेज हो सकती है।

- प्रेग्नेंसी के दौरान जावित्री का सेवन करने से बचें।

- जिन लोगों का शरीर ज्यादा गर्म रहता है या हाई BP है, उन लोगों को इसका सेवन नहीं करना चाहिए।

- शहद को ज्यादा गर्म पानी में न मिलाएं, यह एंजाइम को नष्ट कर देता है। 

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