By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jan 11, 2021
बदायूं (उप्र)। बदायूं के उघैती थाना क्षेत्र के अंतर्गत एक गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता से कथित सामूहिक बलात्कार और उसकी हत्या के मामले की जांच में पुलिस पर लग रहे लापरवाही के आरोपों के बीच पता चला है कि स्वास्थ्य विभाग ने महिला के शव की पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी नहीं कराई है। बदायूं के मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. यशपाल सिंह ने इस संदर्भ में पूछे जाने पर कहा, ‘‘ प्रशासन ने वीडियोग्राफी कराने के कोई भी निर्देश नहीं दिए थे, इसलिए शव की पोस्टमार्टम प्रक्रिया की वीडियोग्राफी नहीं कराई गई।
परिजनों ने मंदिर के महंत सत्य नारायण और उसके दो साथियों पर बलात्कार और हत्या का आरोप लगाया है, जिसके आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर पुलिस ने उन्हें गिरफ़्तार कर लिया था। शव का पंचनामा भरने, मुकदमा दर्ज करने एवं पोस्टमार्टम कराने में अत्यधिक देरी की गई। इस मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। राष्ट्रीय महिला आयोग की सदस्य चंद्रमुखी ने इस मामले में पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए थे।