By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Sep 13, 2026
उत्तर प्रदेश के बलरामपुर जिले में प्रादेशिक सहकारी संघ (पीसीएफ) के दो गेहूं क्रय केंद्रों से करीब 60 लाख रुपये कीमत का 228.764 मीट्रिक टन गेहूं गायब होने के मामले में क्रय केंद्र प्रभारी समेत दो अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर एक अधिकारी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने रविवार को बताया कि पीसीएफ के जिला प्रबंधक अश्वनी शुक्ला द्वारा तुलसीपुर थाने में दर्ज कराई गई शिकायत में आरोप लगाया कि 11 सितंबर को जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी गोविंद कुमार उपाध्याय, सहायक आयुक्त सहकारिता अजय कुमार मौर्य और अपर जिला सहकारी अधिकारी देवेंद्र प्रताप अग्रहरि की संयुक्त टीम ने बी-पैक्स तुलसीपुर के नचौरा एवं कौवापुर गेहूं क्रय केंद्रों पर औचक निरीक्षण किया था।
रिकॉर्ड के मुताबिक, गोदाम में 161.653 मीट्रिक टन गेहूं होना चाहिए था लेकिन मौके पर भंडार शून्य मिला। शुक्ला के मुताबिक, दोनों केंद्रों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) 2,605 रुपये प्रति क्विंटल की दर से कुल 59.59 लाख रुपये के सरकारी धन के गबन का अनुमान है। पुलिस अधीक्षक मार्तंड प्रकाश सिंह ने बताया कि पीसीएफ जिला प्रबंधक की तहरीर पर प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह और केंद्र प्रभारी महेंद्र मणि तिवारी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रभारी सचिव प्रकाश सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया।