By रितिका कमठान | Oct 03, 2023
भारत में पायलटों और क्रू मेंबर्स के लिए कई तरह के नियम बनाए जाते हैं जिसका उन्हें सख्ती से पालन करना होता है। इसी दिशा में अब नया नियम पायलटों और एयरप्लेन के क्रू मेंबर्स के लिए आ सकता है। इस बार जो नियम आ रहा है भले ही वो कई लोगों को काफी अटपटा लगे मगर जल्द ही इस दिशा में नागर विमानन महानिदेशालय यानी डीजीसीए काम कर रहा है।
बता दें कि प्रस्ताव में सिर्फ पर्फ्यूम के उपयोग को लेकर ही फैसला नहीं हुआ है बल्कि दवाओं और माउथवॉश प्रोडक्ट्स के उपयोग पर भी रोक लगाए जाने का प्रस्ताव दिया गया है। दरअसल जिन भी प्रोडक्ट्स में अल्कोहल होता है उनके उपयोग पर रोक लगाने का प्रस्ताव पेश किया गया है। इस प्रोडक्ट्स के उपयोग के कारण ब्रेथलाईजर टेस्ट पर असर दिखता है।
बदल रहे मेडिकल टेस्ट के तरीके
बता दें कि हाल ही में नागर विमानन महानिदेशालय एक और प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में महानिदेशालय ने मेडिकल टेस्ट के तरीके में बदलाव की बात कही है। अगर इसे मंजूरी मिलती है तो आने वाले समय में पायलटों और क्रू के सदस्यों के लिए शराब के सेवन की जांच प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है। दरअसल डीजीसीए ने प्रस्ताव दिया है कि क्रू के सदस्यों और पायलट किसी दवाई, पर्फ्यूम या डेंटल प्रोडक्ट्स का उपयोग नहीं कर सकेंगे जिसमें अल्काहोल होता है। ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट में इससे रिजल्ट पॉजिटिव आ सकता है और कर्मचारी पर कार्रवाई हो सकती है। क्रू के सदस्यों को किसी तरह की दवाई लेने से पहले डॉक्टर से संपर्क करने के निर्देश भी दिए गए है।
जानें परफ्यूम बैन के पीछे क्या है कारण
बता दें कि पर्फ्यूम में थोड़ी मात्रा में अल्कोहल होता है। ऐसे में थोड़ा एल्कोहल भी ब्रेथ एनालाइजर टेस्ट पर असर डाल सकता है। इसके प्रभाव से बचने के लिए नए नियमों को बनाने पर जोर दिया जा रहा है।