By Ankit Jaiswal | Oct 04, 2026
बांग्लादेश क्रिकेट टीम के लिए एशियाई खेलों का अभियान निराशाजनक रहा है। टीम कांस्य पदक के मुकाबले में श्रीलंका से 63 रन से हार गई और पहली बार एशियाई खेलों में क्रिकेट से कोई पदक हासिल नहीं कर सकी। इस हार के बाद कप्तान लिटन दास की कप्तानी पर भी सवाल उठने लगे हैं, लेकिन उन्होंने पद छोड़ने की किसी संभावना से साफ इनकार किया है।
मौजूद जानकारी के अनुसार, मुकाबले के बाद लिटन दास ने माना कि बांग्लादेश की टीम अपने स्तर के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। उन्होंने खास तौर पर थारिंदु रत्नायके की पारी की तारीफ की। लिटन के मुताबिक, बांग्लादेश के गेंदबाजों ने शुरुआती 8 ओवर में अच्छी गेंदबाजी की थी, लेकिन इसके बाद रत्नायके ने जिस तरह के शॉट खेले, उससे गेंदबाजों के लिए वापसी करना मुश्किल हो गया।
लिटन ने कहा कि रत्नायके ने असाधारण बल्लेबाजी की और बांग्लादेश के गेंदबाजों के पास उन्हें रोकने का कोई आसान तरीका नहीं था। उन्होंने यह भी माना कि जब बांग्लादेश की टीम बल्लेबाजी के लिए उतरी तो वह श्रीलंका के स्कोर का सही जवाब नहीं दे सकी। टीम की बल्लेबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही और इसी वजह से मुकाबला हाथ से निकल गया।
कप्तान के तौर पर खुद लिटन का प्रदर्शन भी इस प्रतियोगिता में अच्छा नहीं रहा। उन्होंने एशियाई खेलों में बांग्लादेश के 2 मुकाबलों में क्रमशः 2 और 0 रन बनाए। उन्होंने खुद माना कि उनका प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा है। हालांकि, इसके बावजूद उन्होंने कप्तानी छोड़ने की बात को खारिज कर दिया।
लिटन ने कहा कि क्रिकेट में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। एक दिन प्रदर्शन अच्छा होता है और दूसरे दिन खराब हो सकता है। उन्होंने कहा कि वह बड़े लक्ष्य के साथ एशियाई खेलों में आए थे और उसे पूरा नहीं कर पाने का उन्हें भी दुख है, लेकिन सिर्फ इस वजह से कप्तानी छोड़ने का कोई मतलब नहीं है। उनका कहना है कि बांग्लादेश की टीम ने पहले भी काफी कुछ हासिल किया है और भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने की कोशिश जारी रखेगी।
गौरतलब है कि हार के बाद बांग्लादेशी खिलाड़ियों के टीम होटल से बिना अधिकारियों को जानकारी दिए बाहर जाने की खबरें भी सामने आई हैं। ऐसी चर्चा थी कि इस मामले में खिलाड़ियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई हो सकती है। हालांकि, लिटन ने खिलाड़ियों का बचाव किया और टीम को मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठाए हैं।
लिटन के मुताबिक खिलाड़ियों को अभ्यास के लिए उचित जगह चाहिए और अगर होटल या एशियाई खेलों की ओर से उपलब्ध कराई गई भोजन व्यवस्था उनकी जरूरत के मुताबिक नहीं है, तो खिलाड़ियों को बाहर जाकर खाना पड़ सकता है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या किसी खिलाड़ी को पूरे दिन होटल के कमरे में ही बंद रहना चाहिए।
लिटन ने कहा कि खिलाड़ियों को ऊर्जा की जरूरत होती है और उनकी जरूरतों को समझना जरूरी है। उनके मुताबिक खिलाड़ियों ने बाहर जाकर खाना इसी वजह से खाया था।
बता दें कि बांग्लादेश के लिए एशियाई खेलों में यह नतीजा खास तौर पर निराशाजनक है, क्योंकि टीम इससे पहले क्रिकेट प्रतियोगिता में पदक जीतती रही है। इस बार बिना पदक लौटने के बाद टीम के प्रदर्शन, कप्तानी और खिलाड़ियों की तैयारियों को लेकर चर्चा बढ़ गई है। हालांकि, लिटन ने साफ कर दिया है कि वह इस मुश्किल दौर के बाद भी कप्तानी की जिम्मेदारी से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं हैं।