Sheikh Hasina के extradition की Bangladesh ने फिर मांग की, भारतीय उच्चायुक्त ने PM रहमान से की मुलाकात

By प्रभासाक्षी न्यूज़ डेस्क | Aug 11, 2026

भारत और बांग्लादेश के बीच रिश्तों में आई नयी तल्खी के बीच बांग्लादेश ने सोमवार को ढाका में भारतीय उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और प्रधानमंत्री तारिक रहमान की पहली मुलाकात के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के प्रत्यर्पण की मांग एक बार फिर दोहराई। बांग्लादेश प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी बयान के अनुसार, इस बैठक में कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर भी चर्चा की गई। ढाका में भारतीय उच्चायोग द्वारा सोशल मीडिया मंच एक्स पर की गई एक पोस्ट के अनुसार, त्रिवेदी ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ओर से शुभकामनाएं दीं और बांग्लादेश सरकार व वहां की जनता के साथ सकारात्मक, रचनात्मक और भविष्योन्मुखी तरीके से काम करने की भारत की मंशा व्यक्त की।

बांग्लादेश ने मीडिया के साथ हुई इस बातचीत पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए कहा कि इस घटना से वहां के लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं और इससे भारत के साथ द्विपक्षीय संबंध बेहतर बनाने की कोशिशों पर बुरा असर पड़ सकता है। उन्होंने हसीना को ‘फरार और नरसंहार का दोषी’ बताया। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने सात अगस्त को कहा था कि हसीना से जुड़े उस मीडिया कार्यक्रम में उसकी कोई भूमिका नहीं थी और वह उस मंच पर बांग्लादेश सरकार के बारे में कही गई किसी भी बात का समर्थन नहीं करता है।

बांग्लादेश प्रधानमंत्री के कार्यालय (पीएमओ) द्वारा सोमवार को जारी बयान में कहा गया, बांग्लादेश को उम्मीद है कि भारत शेख हसीना को प्रत्यर्पित करने की प्रक्रिया में तेजी लाएगा। लगभग आधे घंटे तक चली इस मुलाकात के बाद बयान में कहा गया, बैठक में बांग्लादेश और भारत के बीच कई महत्वपूर्ण द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री ने दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत बनाने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने की जरूरत पर बल दिया।

नयी दिल्ली में बांग्लादेश के उच्चायोग ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया कि यह मुलाकात करीब आधे घंटे चली तथा इससे दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंध और एवं साझेदारी की मजबूती में मदद मिलने की उम्मीद है। ढाका में भारत के उच्चायुक्त के तौर पर पदभार संभालने के छह हफ्ते से भी अधिक समय बाद त्रिवेदी की यह बांग्लादेश के प्रधानमंत्री से पहली शिष्टाचार मुलाकात है। वह भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं तथा उच्चायुक्त के तौर पर उन्हें केंद्रीय मंत्री का दर्जा प्राप्त है।

वह यह राजनयिक पद संभालने वाले पहले नेता हैं। रविवार को त्रिवेदी ने कहा था कि रहमान और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बीच बैठक से द्विपक्षीय संबंधों की समस्याओं को सुलझाने में मदद मिल सकती है। अगस्त 2024 में छात्रों के हिंसक विरोध-प्रदर्शनों के बाद हसीना को सत्ता से हटा दिया गया था जिसके बाद वह भारत चली गईं।

नवंबर 2025 में, बांग्लादेश के एक विशेष न्यायाधिकरण ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान कथित ‘मानवता के खिलाफ अपराधों’ के लिए उन्हें उनकी अनुपस्थिति में मौत की सज़ा सुनाई। तब से ढाका भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रहा है।

प्रमुख खबरें

Gautam Adani मामला: US Court ने आपराधिक आरोपपत्र खारिज किया, कार्यवाही समाप्त

SKM 26 नवंबर से करेगी देशव्यापी आंदोलन, जेल भरो प्रदर्शन में दी चेतावनी

PM Narendra Modi से NCP सांसदों का मिलना सही, बोले Prithviraj Chavan

Allahabad High Court: विधवा का गोद लिया पुत्र पति की संपत्ति का भी उत्तराधिकारी