Doping बैन का दिया करारा जवाब! World Champion बनकर Pramod Bhagat की हुंकार- अब LA 2028 जीतूंगा

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Feb 17, 2026

14 फरवरी डोपिंग से जुड़े नियमों के उल्लंघन के कारण 2024 में पेरिस पैरालंपिक खेलों में नहीं खेल पाने वाले बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत ने हाल में विश्व खिताब जीतकर अपने करियर को नहीं दिशा दी है और उनकी निगाह अब एशियाई खेलों और 2028 में लॉस एंजिलिस में होने वाले पैरालंपिक खेलों पर टिकी है। विश्व बैडमिंटन महासंघ (बीडब्ल्यूएफ) के डोपिंग नियमों का उल्लंघन करने के लिए 18 महीने के प्रतिबंध के बाद वापसी करते हुए भगत ने पैरा विश्व चैंपियनशिप में एसएल3 श्रेणी में अपना छठा एकल स्वर्ण पदक जीतकर खुद को साबित किया।

भगत ने इस तरह से लगातार चौथा एकल विश्व खिताब हासिल किया, लेकिन इसका भावनात्मक महत्व आंकड़ों से कहीं अधिक था। भगत ने पीटीआई से कहा, ‘‘मुझे डेढ़ साल के लिए प्रतिबंधित कर दिया गया था। इस कारण मैं पैरालंपिक खेलों में भाग नहीं ले पाया। उसके बाद मैंने वापसी की और फिर से विश्व चैंपियन बना। इसलिए यह पदक मेरे लिए बहुत मायने रखता है क्योंकि मैंने अपने जीवन के इस दौर में कई मुश्किल परिस्थितियों का सामना किया।’’

इस 37 वर्षीय खिलाड़ी का पैरालंपिक खेलों में पदक पक्का माना जा रहा था लेकिन प्रतिबंध लगने के कारण इन खेलों में नहीं खेल पाना एक दशक से अधिक समय तक अपनी श्रेणी में दबदबा बनाए रखने वाले खिलाड़ी के लिए करारा झटका था। कई लोगों के लिए यह अंत हो सकता था, लेकिन भगत के लिए यह एक नई शुरुआत बन गई।

 उन्होंने कहा, ‘‘मैंने ठान लिया था कि जब मैं वापसी करूंगा तो पहले की तरह अपना दबदबा कायम रखूंगा। मैंने सभी मैच आसानी से जीते जिससे मेरी मजबूत मानसिकता का पता चलता है।’’ एसएल3 श्रेणी उन खिलाड़ियों के लिए है जिनके शरीर का निचला हिस्सा विकलांग होता है। भगत ने फाइनल में इंडोनेशिया के मुहम्मद अल इमरान को 21-12, 21-18 से हराकर खिताब अपने नाम किया। इस खिताब ने उन्हें बैडमिंटन के इतिहास में सबसे अधिक पदक जीतने वाला पुरुष एकल विश्व चैंपियन भी बना दिया।

भगत ने कहा, ‘‘मेंरा अगला लक्ष्य जापान में होने वाले एशियाई खेल और फिर लॉस एंजिल्स में होने वाले पैरालंपिक खेल हैं। हम दोनों के लिए अच्छी तैयारी करेंगे। हम नई तकनीक पर चर्चा करेंगे, कुछ नए स्ट्रोक के साथ प्रयोग करेंगे और लगातार सुधार करते रहेंगे।’’ उन्होंने कहा, ‘‘एसएल3, एसएल4 और एसएल6 में भारत का दबदबा शानदार है। नए खिलाड़ी आ रहे हैं और अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। पैरा बैडमिंटन का भविष्य बहुत उज्ज्वल है। जब तक मैं हूं इस श्रेणी में भारत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करेगा।

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