By अभिनय आकाश | Jan 18, 2024
इस वर्ष गणतंत्र दिवस के मुख्य अतिथि के रूप में फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भारत आ रहे हैं। न्यौता मिलते ही इमैनुएल मैक्रों ने कहा था कि मेरे प्रिय मित्र प्रधानमंत्री मोदी निमंत्रण के लिए धन्यवाद। लेकिन भारत आने से ठीक पहले इमैनुएल मैक्रों ने ऐसा फैसला ले लिया है जो शायद दुनिया के करोड़ो मुस्लिमों को पसंद नहीं आएगा। अब तो मांग उठने लगी है कि जो फैसला फ्रांस ने लिया है। वैसा ही फैसला भारत को भी लेना चाहिए। दरअसल, फ्रांस ने 2024 में विदेशी फंडिंग पाने वाले इमामों के प्रवेश पर रोक लगा दी है। यानी मस्जिद के जिन इमामों को विदेश से फंडिंग मिल रही है वो अब फ्रांस नहीं जा पाएंगे।
मैक्रों फ्रांस में इस्लाम के सिद्धांतों के चार्टर पर सहमति हासिल करने की चुनौतियों से जूझ रहे हैं और कट्टरपंथी मस्जिदों को बंद करने के प्रयासों में तनाव का सामना कर रहे हैं। हसन इक्यूसेन जैसे विदेशी कट्टरपंथी इमामों के निर्वासन के प्रयास, मुक्त भाषण, धर्मनिरपेक्षता और उग्रवाद से निपटने में फ्रांस के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करते हैं। फ्रांस के इस फैसले से करोड़ो मुस्लिम डर गए हैं। माना जा रहा है कि बाकी यूरोपीय देश भी फ्रांस के फैसले की नकल कर सकते हैं।