By डॉ. अनिमेष शर्मा | Jan 05, 2026
सर्दियों की दस्तक के साथ ही देश के कई शहरों में प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगता है। धुंध, स्मॉग और जहरीली हवा न सिर्फ सांस लेना मुश्किल कर देती है, बल्कि बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या एलर्जी से पीड़ित लोगों के लिए यह और भी खतरनाक हो जाता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी हो जाता है कि आप जिस इलाके में हैं या जहां जाने की योजना बना रहे हैं, वहां की हवा कितनी सुरक्षित है।
लोगों की इसी जरूरत को ध्यान में रखते हुए Google Maps ने भारत में एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) की सुविधा शुरू की है। इस फीचर की मदद से यूजर्स किसी भी शहर या इलाके की हवा की गुणवत्ता की रियल-टाइम जानकारी हासिल कर सकते हैं। खास बात यह है कि अब आपको अलग-अलग वेबसाइट या ऐप पर जाने की जरूरत नहीं, क्योंकि रास्तों की जानकारी देने वाला Google Maps अब हवा की हालत भी बता रहा है।
यह फीचर मोबाइल ऐप (Android और iOS) के साथ-साथ डेस्कटॉप वर्जन पर भी उपलब्ध है। यानी चाहे आप फोन पर ट्रैवल प्लान कर रहे हों या लैपटॉप पर, AQI की जानकारी बस कुछ टैप में मिल जाएगी।
आज के समय में बहुत से लोगों को काम, पढ़ाई या बिजनेस के चलते एक शहर से दूसरे शहर जाना पड़ता है। अगर पहले से यह पता चल जाए कि किसी शहर की हवा कितनी खराब है, तो आप अपने ट्रैवल और आउटडोर एक्टिविटीज की बेहतर प्लानिंग कर सकते हैं।
- क्या बाहर मॉर्निंग वॉक करनी चाहिए या नहीं
- बच्चों को बाहर खेलने भेजना सुरक्षित है या नहीं
- मास्क पहनना जरूरी है या नहीं
इन सभी सवालों के जवाब AQI देखकर आसानी से मिल सकते हैं।
Google Maps पर AQI को समझाने के लिए नंबर के साथ-साथ कलर कोड सिस्टम का इस्तेमाल किया गया है, ताकि आम यूजर भी आसानी से हवा की स्थिति समझ सके।
- 0–50 (हरा रंग): गुड – हवा बिल्कुल साफ और सुरक्षित
- 51–100 (हल्का हरा/पीला): सैटिस्फैक्टरी – सामान्य गतिविधियों के लिए ठीक
- 101–200 (पीला/नारंगी): मॉडरेट – संवेदनशील लोगों को सावधानी
- 201–300 (नारंगी/लाल): खराब – बाहर निकलने से बचें
- 301–400 (गहरा लाल): बहुत खराब – स्वास्थ्य पर गंभीर असर
- 401–500 (बैंगनी/गहरा रंग): सिवियर – इमरजेंसी जैसी स्थिति
इन रंगों को देखकर आप तुरंत समझ सकते हैं कि कौन सा इलाका ज्यादा प्रदूषित है।
Google Maps अलग-अलग सरकारी और विश्वसनीय एयर मॉनिटरिंग नेटवर्क से मिलने वाले डेटा के आधार पर AQI दिखाता है। इसमें प्रदूषण मापने वाले सेंसर, सैटेलाइट डेटा और लोकल मॉनिटरिंग स्टेशन की जानकारी शामिल होती है। इसी वजह से यह फीचर लगभग रियल-टाइम और भरोसेमंद जानकारी देता है।
इस फीचर का इस्तेमाल करना बेहद आसान है। नीचे दिए गए स्टेप्स फॉलो करें:
1. सबसे पहले अपने फोन या कंप्यूटर पर Google Maps ऐप/वेबसाइट खोलें।
2. सर्च बार में उस शहर या इलाके का नाम लिखें, जहां की हवा की गुणवत्ता जाननी है।
3. मैप लोड होने के बाद स्क्रीन के दाईं ओर, सर्च बार के नीचे ‘Layers’ का आइकन दिखाई देगा।
4. इस आइकन पर टैप या क्लिक करें।
5. अब खुलने वाले मेन्यू में ‘Air Quality’ विकल्प को चुनें।
6. ऐसा करते ही मैप पर अलग-अलग रंगों के जरिए AQI रीडिंग दिखने लगेगी।
7. किसी खास लोकेशन या रंगीन हिस्से पर टैप करके आप वहां का पूरा AQI डेटा देख सकते हैं।
Google Maps का यह AQI फीचर सिर्फ जानकारी देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आपकी दिनचर्या को सुरक्षित बनाने में भी मदद करता है। आप तय कर सकते हैं कि किस समय बाहर निकलना बेहतर है, किस रास्ते से गुजरना चाहिए और कब घर के अंदर रहना ही सही विकल्प होगा।
बढ़ते प्रदूषण के दौर में सही और समय पर जानकारी सबसे बड़ा हथियार है। Google Maps का AQI फीचर इसी दिशा में एक स्मार्ट कदम है। अब रास्तों के साथ-साथ हवा की सेहत भी आपकी उंगलियों पर है। अगली बार घर से निकलने से पहले Google Maps पर AQI जरूर चेक करें क्योंकि साफ हवा, स्वस्थ जीवन की पहली शर्त है।
- डॉ. अनिमेष शर्मा