चीनी महिलाएं अपना अंडाणु फ़्रीज़ क्यों करवा रही हैं? अस्पताल मांग रहा शादी का प्रमाणपत्र

By प्रभासाक्षी न्यूज नेटवर्क | Jul 23, 2022

ताइपे (ताइवान)। चीन की एक अदालत ने बीजिंग की उस अविवाहित महिला के अनुरोध को ठुकरा दिया है जो अपने अंडाणुओं को सुरक्षित रखवाना चाहती थी। चीन के इस बहुचर्चित मामले में बीजिंग में चाओयांग इंटरमीडिएट पीपुल्स कोर्ट ने एक फैसले में कहा कि अस्पताल ने महिला के अंडाणुओं को सुरक्षित रखने से इनकार करके उसके अधिकारों का उल्लंघन नहीं किया। टेरेसा शु ने तीन साल पहले यह मुकदमा दायर किया था, जिस पर शुक्रवार को अदालत का फैसला आया। चीन में कानून अविवाहित लोगों को प्रजनन संबंधी उपचार देने जैसी सेवाओं से प्रत्यक्ष रूप से नहीं रोकते हैं।

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हालांकि, अविवाहित शु अपने अंडाणुओं को सुरक्षित रखवाना चाहती थी ताकि उसके पास बाद में कभी बच्चा करने का विकल्प हो। शु ने अपने वीचैट अकाउंट पर इस खबर की घोषणा करते हुए एक संक्षिप्त वीडियो बयान में कहा, ‘‘मुझे लगता है कि मुकदमे में हारअविवाहित महिलाओं के प्रजनन के अधिकारों पर हमला नहीं है, हो सकता है कि अस्थायी झटका हो।’’ उल्लेखनीय है कि शु के मामले ने चीन में घरेलू मीडिया में काफी सुर्खियां बटोरी थी जब उसने 2019 में अदालत में मुकदमा दायर किया था। स्थानीय मीडिया ने कहा था कि यह देश में अपनी तरह का पहला मामला है। अदालत के फैसले के अनुसार, अस्पताल ने दलील दी कि अंडाणुओं को सुरक्षित कराने से स्वास्थ्य को कुछ खतरे हैं। साथ ही उसने कहा कि गर्भावस्था में देर करने से कुछ ‘‘समस्याएं’’ होंगी जैसे कि गर्भावस्था के कारण मां को खतरा तथा अगर माता-पिता एवं उनके बच्चे के बीच आयु में अधिक अंतर होगा तो इससे ‘‘मनोवैज्ञानिक और सामाजिक समस्याएं’’ खड़ी होंगी। अस्पताल ने यह भी कहा कि अंडाणु सुरक्षित कराने की सेवा केवल उन महिलाओं के लिए उपलब्ध है जो प्राकृतिक तरीके से गर्भवती नहीं हो सकती और स्वस्थ नहीं हैं। वहीं, शु ने कहा कि वह फैसले के खिलाफ अपील करेंगी। उसने कहा, ‘‘ऐसा दिन जरूर आएगा जब हमें अपने शरीर पर अधिकार वापस मिल जाएगा।

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