West Bengal में BJP का मेगा प्लान, Amit Shah-Nadda की अगुवाई में 5000 KM की 'परिवर्तन यात्रा'

By दिव्यांशी भदौरिया | Feb 28, 2026

पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक पार्टियों में हलचल मची हुई है। चुनाव से पहले भाजपा बंगाल में एक्टिव मोड में आ चुकी है। इस बार बीजेपी चुनाव प्रचार के लिए नए हथकंडे अपना रही है। दरअसल, भाजपा 1 मार्च 2026 से बंगाल में ‘परिवर्तन यात्रा’ की शुरुआत करने जा रही है, जिसे चुनावी प्रचार की महत्वपूर्ण कोशिशों में गिना जा रहा है। बीजेपी इस अभियान के माध्यम से टीएमसी के नेतृत्व में पिछले दस सालों से चल रहे कथित भ्रष्ट, अलोकतांत्रिक और जनता-विरोधी शासन को चुनौती देने का लक्ष्य रख रही है। पार्टी इसे बंगाल में एक बड़े जन आंदोलन के रूप में पेश कर रही है, जो स्पष्ट रूप से यह संकेत देता है कि बीजेपी ममता सरकार के खिलाफ पूरी तरह सक्रिय होने को तैयार है।

पार्टी नेताओं के मुताबिक, इस बार बंगाल में  “पालोतानो डोरकर, चाय बीजेपी सोरकर” के नारे के तहत चलाया जा रही यह परिवर्तन यात्रा राज्य के संगठनात्मक नेटवर्क में “पूर्ण भौतिक वर्चस्व” स्थापित करने का प्रयास है। आपको बता दें कि, भाजपा यह परिवर्तन यात्रा लगभग 5,000 किमी. की दूरी तय कर राज्य के सभी 9 संगठनात्मक प्रभागों में एक साथ चलेगी। 

किस तरह से प्रचार होगा?

बता दें कि, पार्टी के नृतत्व ने दावा किया है कि बंगाल में परिवर्तन यात्रा के दौरान केंद्र सरकार की योजनाओं-जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना और आयुष्मान भारत—की जानकारी घर-घर तक पहुंचाई जाएगी और यह बताया जाएगा कि राज्य सरकार की कथित नीतियों के कारण लोगों को योजनाओं का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा। सूत्रों के मुताबिक यात्रा को कई रूटों में बांटा गया है, जो उत्तर बंगाल से लेकर दक्षिण 24 परगना और जंगल महल क्षेत्र तक जाएगी। जिससे सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में भी राजनीतिक संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचे। यात्रा के स्वागत के लिए जिला स्तर पर सभाएं, रोड शो, बाइक रैलियां और नुक्कड़ सभाओं की विस्तृत रुपरेखा बनाई गई है। आपको बता दें कि, भाजपा का इस यात्रा का लक्ष्य है महिला सुरक्षा, शिक्षा क्षेत्र में भ्रष्टाचार, जिसमें शिक्षक भर्ती घोटाले भी शामिल हैं।

बंगाल में इन मुद्दों पर भाजपा का फोकस

प्रचार के दौरान ग्रामीण बंगाल में भाजपा का फोकस एग्रीकल्चरल इंफ्रास्ट्र्क्चर, ट्रांसपेरेंट एक्सीक्यूशन के पारदर्शी कार्यान्वयन और बिचौलियों की परेशानी दूर करने पर केंद्रित होगा। दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में औद्योगिक विकास, युवाओं के लिए रोजगार और इंप्रूव्ड अर्बन मोबिलिटी पर चर्चा की जा सकती है। बता दें कि, 1 और 2 मार्च को यात्रा के पहले चरण में पहले दिन पांच और दूसरे दिन चार जनसभाएं होगी। इनमें अमित शाह, नितिन नबीन, जे.पी. नड्डा, राजनाथ सिंह, धर्मेंद्र प्रधान और शिवराज सिंह चौहान जैसे सीनियर बीजेपी नेताओं के शामिल हो सकते हैं। 

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